रेलवे परिचालन में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्व रेलवे, रेल पटरियों और वेल्डेड जोड़ों की जांच के लिए अत्याधुनिक अल्ट्रासोनिक फ्लो डिटेक्शन (यूएसएफडी) प्रणाली का उपयोग कर रहा है। इससे जांच की गुणवत्ता में वृद्धि होगी, जो छोटी-मोटी खामियों का भी पता लगा लेगी, जिन्हें हम आसानी से नहीं देख सकते। अब तक इसके माध्यम से पूर्व रेलवे करीब 8627.89 किलोमीटर रेल पटरियों की जांच कर चुका है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यूएसएफडी, एक सोफिस्टिकेटेड निरीक्षण उपकरण है, जो रेल पटरियों में खामियों और दोषों की पहचान करने और उनका आकलन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अधिकारी ने बताया कि यह तकनीक उन्नत अल्ट्रासोनिक तरंगों का उपयोग करती है, जिससे रेल की पटरियों की देखभाल में सहयोग मिलता है। पूर्व रेलवे ने वित्त वर्ष 2023-24 में 31 अक्तूबर तक 8627.89 ट्रैक किलोमीटर (टीकेएम) रेल पटरियों का अल्ट्रासोनिक फ्लो डिटेक्शन परीक्षण पहले ही पूरा कर लिया है। इसमें आसनसोल मंडल में 2181.326 टीकेएम, हावड़ा मंडल में 3498.595 टीकेएम, मालदा मंडल में 1087.002 और सियालदह मंडल में 1860.967 टीकेएम की जांच तक पूरी हो चुकी है।
अल्ट्रासोनिक डिटेक्शन मशीन की विशेषताएं
यूएसएफडी सटीक स्कैनिंग के लिए उन्नत अल्ट्रासोनिक तकनीक का उपयोग करता है, जिससे सुरक्षा से समझौता करने वाली छोटी से छोटी खामियों का भी पता लगाना सुनिश्चित होता है। डाटा विश्लेषण क्षमताओं से लैस, यूएसएफडी आपरेटरों को वास्तविक समय पर प्रतिक्रिया प्रदान करता है, जिससे आवश्यक होने पर तत्काल निर्णय लेने और हस्तक्षेप करने में सक्षम होता है। यूएसएफडी परीक्षण उन खामियों का पता लगाकर सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि करता है, जो नग्न आंखों को दिखाई नहीं दे सकती हैं, और संभावित खतरों से सक्रिय रूप से बचाता है। यूएसएफडी रेल बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाए बिना, डाउनटाइम और परिचालन संबंधी व्यवधानों को कम किए बिना निरीक्षण सुनिश्चित करता है। यूएसएफडी को विभिन्न ट्रैक कॉन्फिगरेशन और पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुकूल बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो पूर्व रेलवे के भीतर विविध रेलवे नेटवर्क के लिए एक बहुमुखी समाधान प्रदान करता है।