पिछले आठ दिनों से जारी पवित्र गंगा सागर मेले का मंगलवार सुबह गंगा सागर की सफाई अभियान के साथ संपन्न हो गया। पश्चिम बंगाल के बिजली, आवास, युवा मामले और खेल विभाग के मंत्री अरूप विश्वास ने मंगलवार को दावा किया कि इन आठ दिनों में गंगा सागर मेले में 1 करोड़ 10 लाख पुण्यार्थियों ने पवित्र मकर संक्रांति के दौरान स्नान किया और कपिल मुनि आश्रम में पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि इसमें सबसे ज्यादा पुण्यार्थी उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश और झारखंड से आए थे। उन्होंने मेले को सफलता पूर्वक संपन्न कराने के लिए उन्होंने जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, भारतीय तटरक्षक, जिला प्रशासन और जिला पुलिस और अन्य सभी सहयोग करने वाली संगठनों का धन्यवाद किया।
मंगलवार को बंगाल सरकार के मंत्री अरूप विश्वास के अलावा मंत्री शोवनदेव चट्टोपाध्याय, स्नेहाशीष चक्रवर्ती, पार्थ भौमिक और सुजीत बोस जिला मजिस्ट्रेट सुमित गुप्ता और सुंदरबन के पुलिस अधीक्षक कोटेश्वर राव ने संयुक्त रूप से हाथों में झाडू लेकर गंगा सागर स्वच्छता अभियान चलाया।
इससे पहले पत्रकारों वार्ता को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल के बिजली, आवास, युवा मामले और खेल विभाग के मंत्री अरूप विश्वास ने मंगलवार को दावा किया कि आठ जनवरी से शुरू हुए मेले में 1 करोड़ 10 लाख पुण्यार्थियों ने पवित्र स्नान किया। इस साल के स्नान ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। पिछला वर्ष करीब 75 से 80 लाख श्रद्धालुओं पवित्र डुबकी लगाई थी।
उन्होंने कहा, सरकार चाहती है कि गंगा सागर की स्वच्छता बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि गंगा सागर को स्वच्छ बनाए रखने में किसी तरह की कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर पांच से छह मंत्रियों ने लगातार गंगा सागर मेले में डेरा जमाए रखा। चौबीस घंटे सभी मंत्री मेले में ही डटे रहे ताकि किसी पुण्यार्थियों को किसी तरह की किसी तरह की दिक्कत नहीं हो। इस दौरान उन्होंने गंगा सागर मेले को सफल और स्वच्छ बनाए रखने के लिए दिन-रात एक करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया।