सेना के पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता ने कहा है कि असम सरकार के एक प्रमुख योजना आरोहण के माध्यम से असम के मेधावी विद्यार्थियों काउंसिलिंग दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही 'नो योर आर्मी' के तहत विद्यार्थियों को भारतीय सेना से रू-ब-रू होने का मौका मिलेगा। वे यहां सेना के नारंगी स्थित कैंप में कार्यक्रम का उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे।
कलिता ने कहा, इसके माध्यम से कक्षा नौवीं से 12वीं तक के बच्चों को सेना में भर्ती, करिअर में कैसे आगे बढ़ना है, किस तरह की जोखिम आ सकते हैं, इन पर विद्यार्थियों को सलाह देकर उनको आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
आरोहण कार्यक्रम के तहत राज्य सरकार के साथ मिलकर सेना शिवसागर और चराईदेव जिलों के विद्यार्थियों को नारंगी कैंप दिखाया जाएगा और सेना के जीवन से जुड़ी करिअर से जुड़ी जानकारी उनको देंगे। कलिता ने कहा, इस दौरान उन्हें काउंसिलिंग दी जाएगी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उनकी बातचीत कराई जाएगी और खास तौर पर महिला अधिकारियों से उनकी मुलाकात कराई जाएगी।
इसके साथ-साथ गैलेंट्री अवॉर्ड विजेताओं अधिकारियों के साथ भी उनकी मुलाकात कराई जाएगी। इसके साथ ही उनको सेना के साजो-समान से भी परिचय कराया जाएगा। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि इससे बच्चों के मन में सेना के बारे में जो सवाल हैं, उन्हें उनका जवाब मिलेगा। मुझे विश्वास है कि इस भ्रमण और काउंसिलिंग के बाद विद्यार्थी अपने करियर को लेकर सही चुनाव कर सकेंगे। सेना के पूर्वी कमान के प्रमुख कलिता ने कहा, भविष्य में भी सेना राज्य सरकार की इस तरह की योजनाओं में सहयोग करती रहेगी।