फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Assam crackdown on child marriage: मियां-बीवी और काजी भी राजी, फिर भी नहीं हो पा रही है शादी

Wed, 08 Feb 2023 02:46 PM IST
Harendra Chaudhary एन. अर्जुन, गुवाहाटी

सार

Assam crackdown on child marriage: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एक सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक असम में 20 से 24 वर्ष की उम्र की 31 फीसदी से अधिक महिलाएं ऐसी हैं, जिनकी शादी 18 वर्ष के कम उम्र कर दी गई। असम में 11.7 फीसदी महिलाएं कम उम्र में गर्भवती हो रही हैं...
विज्ञापन
Assam crackdown on child marriage - फोटो : Agency (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

असम में बाल-विवाह करने और कराने वालों के खिलाफ लगातार मामले दर्ज हो रहे हैं और गिरफ्तारियां भी हो रही हैं। इन गिरफ्तारियों के बाद जो शादियां पहले से तय थीं, अब लड़कियों के माता-पिता बेटियों की उम्र पता करने में जुट गए हैं। जब पता चल रहा है कि उनकी बेटी की उम्र अभी 18 से कम है या थोड़े दिन ऊपर हो रही है, तो शादी रद्द कर रहे हैं। यहां तो मियां-बीवी और तो और काजी भी राजी हैं, लेकिन उम्र की सीमा आड़े आने से शादियां नहीं हो पा रही हैं। डर का आलम यह है कि कइयों ने तो उम्र पार कर चुकीं बेटियों की शादी भी रद्द कर दी है। कोई पुलिस के चक्कर में पड़ना नहीं चाहता। इसके साथ ही माता-पिताओं ने अपने रिश्तेदारों को शादी में नहीं आने को भी बोल दिया है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान उन मैरिज हॉल और होटल वालों को हो रहा है, जो शादियों के समय में सबसे ज्यादा कमाई करते थे।

कविता (बदला हुआ नाम) ने कहा, मेरी एक सहेली की बहन की शादी इसी महीने होनी थी। जबसे असम में बाल-विवाह को लेकर पुलिस ने धर-पकड़ शुरू की है, लोगों को पकड़-पकड़ कर गाड़ियों में डाले जाने के वीडियो सामने आने लगे, तो उनके माता-पिता डर गए। उन्हें पता था कि मेरी सहेली की बहन की उम्र 18 साल से ऊपर है, लेकिन पुलिस में शिकायत के डर से शादी रद्द कर दी। पता नहीं कौन शिकायत कर दे, तो पुलिस की छानबीन होगी। कौन पुलिस के झंझट में फंसे। कविता कहती है कि सब कुछ तय हो चुका था। बुकिंग हो चुकी थी लेकिन पुलिस के चक्कर में पड़ने के डर से उन्होंने शादी ही रद्द कर दी। कुछ दिन बाद वे नए सिरे से तारीख तय करेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, लड़के वाले भी बात को समझ गए। इस तरह से कहीं लड़की की उम्र कम होने, तो कुछ डर की वजह से सौ से अधिक बेटियों की शादियां रद्द होने की खबरें आ रही हैं। इस तरह के मामलों में मंगलवार तक पुलिस 2528 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

इसका सबसे ज्यादा असर मैरिज हॉल वालों और होटल वालों को हो रहा है। एक मैरिज हॉल के अधिकारी विमल ने बताया कि पहले हमारे मैरिज हॉल की बुकिंग थी। लेकिन सरकारी फरमान के बाद कई शादियां रद्द हो गई हैं। पहले तो हमें लगा कि किसी अन्य वजह से हॉल रद्द कर रहे हैं लेकिन जब लगातार चार-पांच शादियां रद्द हुईं, तो हमें भी इसका पता चला। निश्चित रूप से शादियों के सीजन में अगर हॉल खाली रहेंगे तो नुकसान तो होगा ही। कोरोना का बाद यह पहला साल है पहली बार है जब लोग खुलकर शादियों का लुत्फ उठा रहे हैं।

आखिर क्यों हो रही हैं असम में शादियां रद्द

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एक सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक असम में 20 से 24 वर्ष की उम्र की 31 फीसदी से अधिक महिलाएं ऐसी हैं, जिनकी शादी 18 वर्ष के कम उम्र कर दी गई। असम में 11.7 फीसदी महिलाएं कम उम्र में गर्भवती हो रही हैं। इतना ही नहीं धूबड़ी जिले में तो 50 फीसदी शादियां कम उम्र में हो रही हैं। रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया की ओर से जारी 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक असम देश में सबसे ज्यादा मातृ मृत्युदर वाला प्रदेश है, जबकि शिशु मृत्युदर के मामले में असम तीसरे नंबर वाला राज्य है। इस रिपोर्ट के बाद सरकार ने बाल विवाह करने वाले और कराने वालों पर 3 फरवरी से सख्त कदम उठाए और सलाखों के पीछे पहुंचाया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें