फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US vs Iran: क्या अमेरिका-ईरान विवाद में UAE ने बदल दिया पूरा गेम? | Amar Ujala | World

Tue, 27 Jan 2026 12:35 AM IST
तन्मय बरनवाल अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

एक तरफ दुनिया की महाशक्ति अमेरिका है, तो दूसरी तरफ अपने इरादों पर अड़ा ईरान। लेकिन इस बार कहानी में एक नया और चौंकाने वाला ट्विस्ट आया है। संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने एक ऐसा ऐलान किया है जिसने वाशिंगटन से लेकर तेहरान तक हलचल मचा दी है। यूएई ने साफ कह दिया है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी भी 'शत्रुतापूर्ण' कार्रवाई के लिए नहीं होने देगा। क्या यह अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका है? क्या डोनाल्ड ट्रंप के मंसूबों पर यूएई ने पानी फेर दिया है? आज की इस विशेष रिपोर्ट में हम इसी कूटनीति का विश्लेषण करेंगे।आगे बढ़े उससे पहले जान लीजिए की विवाद की जड़ें बहुत गहरी हैं, अमेरिका ने कई मौकों पर ईरान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दी, जबकि सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई ने भी ट्रंप सरकार को करारा जवाब देने की चेतावनी दी. ईरान पर अमेरिका के संभावित सैन्य हमले के खतरे को भांपते हुए अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) दोनों देशों को बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया. यूएई ने बयान जारी करते हुए कहा कि वह अपने हवाई क्षेत्र, जमीन या समुद्री जल क्षेत्र को किसी भी सैन्य अभियान के लिए इस्तेमाल नहीं होने देगा.यूएई ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि वह अपने हवाई क्षेत्र (Airspace), जमीन या समुद्री जल क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी सैन्य अभियान के लिए नहीं करने देगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे अरब जगत में डर है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुआ, तो इसकी लपटें सबको अपनी चपेट में ले लेंगी। यूएई ने जोर देकर कहा है कि वह अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैUAE के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा कि देश अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है तथा किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ शत्रुतापूर्ण सैन्य कार्रवाई में अपनी भूमि, हवाई क्षेत्र या जल क्षेत्र की अनुमति नहीं देगा. यहां गौर करने वाली बात यह है कि यूएई और अमेरिका के संबंध ऐतिहासिक रूप से बेहद मजबूत रहे हैं। यूएई की धरती पर कई महत्वपूर्ण अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं। इसके बावजूद, ईरान के मामले में यूएई का यह कड़ा रुख बताता है कि अब अरब देश अपनी सुरक्षा और पड़ोसियों के साथ रिश्तों को प्राथमिकता दे रहे हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय विवादों का समाधान बम और बारूद से नहीं, बल्कि संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में होना चाहिए।"

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें