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Iran-US Tension: ट्रंप को ईरानी सेना की खुली चेतावनी, ट्रंप बोले- दुनिया से मिटा देंगे

Wed, 21 Jan 2026 03:36 PM IST
आदर्श अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। ईरानी सेना के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधी और कठोर चेतावनी दी है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीब चार दशक लंबे शासन के अंत की बात कही थी। दोनों देशों के बीच बयानबाज़ी, सैन्य गतिविधियां और मानवाधिकारों से जुड़े दावे हालात को और विस्फोटक बना रहे हैं।

ईरानी सेना के प्रवक्ता जनरल अबोलफजल शेकर्ची ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अच्छी तरह पता होना चाहिए कि अगर ईरान के सर्वोच्च नेता के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई की गई, तो उसका जवाब बेहद कठोर होगा। शेकर्ची के शब्दों में, “अगर हमारे नेता की ओर आक्रामकता का हाथ बढ़ाया गया तो हम न सिर्फ उस हाथ को काट देंगे, बल्कि उनकी पूरी दुनिया को आग के हवाले कर देंगे।” इस बयान को तेहरान की ओर से सीधे अमेरिका के लिए सैन्य चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।

दरअसल, यह प्रतिक्रिया डोनाल्ड ट्रंप के उस इंटरव्यू के बाद आई है, जिसमें उन्होंने अयातुल्लाह खामेनेई पर तीखा हमला बोला था। ट्रंप ने खामेनेई को “बीमार व्यक्ति” बताते हुए कहा था कि वह अपने देश को ठीक से नहीं चला पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान में लोगों की हत्या की जा रही है और अब वहां नए नेतृत्व की तलाश का समय आ गया है। ट्रंप ने ईरान के लिए दो “लक्ष्मण रेखाएं” भी खींचीं शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या और प्रदर्शनों के बाद बड़े पैमाने पर फांसी।

इस बीच पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य हलचल ने भी चिंता बढ़ा दी है। जहाजों की आवाजाही से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन मंगलवार तक मलक्का जलडमरूमध्य से गुजर चुका है। यह पोत हाल के दिनों में दक्षिण चीन सागर में तैनात था, लेकिन अब इसके पश्चिम एशिया की ओर बढ़ने की खबरें हैं। अमेरिकी मीडिया ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि यह तैनाती क्षेत्र में बढ़ते तनाव के मद्देनज़र की जा रही है। हालांकि, विमानवाहक पोत पर तैनात लड़ाकू विमानों को वहां पहुंचने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं।

मानवाधिकारों के मोर्चे पर भी हालात गंभीर बताए जा रहे हैं। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान अब तक 4,484 लोगों की मौत हो चुकी है। एजेंसी का दावा है कि उसके पास देश के भीतर सक्रिय कार्यकर्ताओं का एक नेटवर्क है, जो हर मौत की पुष्टि करता है। इन आंकड़ों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता और बढ़ा दी है।

इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को एक और सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान उनकी हत्या करता है, तो अमेरिका उसे पूरी तरह मिटा देगा। ट्रंप के मुताबिक, इस तरह की किसी भी स्थिति के लिए उनके पास पहले से बेहद कड़े निर्देश मौजूद हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर उनके साथ कुछ भी होता है, तो ईरान को “धरती से खत्म” कर दिया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि बयानबाज़ी और सैन्य गतिविधियों का यह सिलसिला किसी भी वक्त बड़े टकराव में बदल सकता है। एक ओर ईरान अपनी संप्रभुता और नेतृत्व पर हमले को युद्ध की घोषणा मान रहा है, तो दूसरी ओर अमेरिका मानवाधिकार और सुरक्षा के नाम पर दबाव बढ़ा रहा है। ऐसे में आने वाले दिन पश्चिम एशिया के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।

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