कोटद्वार। पीएम श्री जीजीआईसी कोटद्वार की एनएसएस इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन रविवार को स्वयंसेवी छात्राओं को बाल अधिकार, उनका संरक्षण एवं उनका उपयोग एवं दुरुपयोग और यातायात नियमों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने जागरूकता संबंधी पंफलेट भी बांटे।
जिला बाल कल्याण समिति पौड़ी गढ़वाल के अध्यक्ष अशोक बौड़ाई ने कहा कि बच्चे अज्ञानता के कारण जल्दी राह भटक जाते हैं और वे गलत कदम उठा लेते हैं। उनके द्वारा उठाया गया यह गलत कदम जीवन भर उनके लिए कठिन साबित होता है। उन्होंने स्वयंसेवी छात्राओं को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के बारे में विस्तार से बताया। जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य विमल ध्यानी ने कहा कि बाल अपराध अक्सर अज्ञानता और डर के कारण होता है। अपराध से बचना है तो सबसे पहले मन से डर निकालना होगा। यदि किसी बच्चे के साथ कुछ घटना घटती है तो सबसे पहले वह अपने माता-पिता को बताएं। अन्यथा पुलिस या बाल कल्याण समिति को सूचित करें। शिकायत करने वाले बच्चे का नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता।
सभी बच्चों को अपने कर्तव्यों और अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और मौलिक अधिकारों का सही से उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे के साथ उसके अपने घर, बाहर या अन्य स्थान पर कुछ अनहोनी होती है तो वे चाइल्ड हेल्प लाइन 1098, डायल 112 या फिर सीडब्ल्यूसी को फोन पर सूचित कर सकते हैं। विद्यालय की प्रधानाचार्य सुनीता मधवाल ने स्वयंसेवी छात्राओं को जानकारियां देने के लिए बाल कल्याण समिति पौड़ी और यातायात पुलिस का आभार जताया। इस मौके पर यातायात पुलिस के संतोष कुमार, अतुल आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी अल्का सोम ने किया।