चंद्रकुंवर बर्त्वाल शरदोत्सव का दूसरा दिन स्कूली छात्र-छात्राओं के नाम रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
पोखरी। हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल खादी ग्रामोद्योग एवं शरदोत्सव मेले के दूसरे दिन छात्र-छात्राओं ने पैर पैर गौरा तू नाक की नथूली... समेत एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मेले में समां बांध दिया। छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों पर दर्शक झूम उठे और तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।
सोमवार को मेले के दूसरे दिन पोखरी व आसपास के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने लोकगीत व नृत्य की प्रस्तुति दी। प्राथमिक वर्ग की सांस्कृतिक प्रतियोगिता में टैगोर चिल्ड्रन एकेडमी इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने पैर पैर गौरा तू, नाक की नथूली गीत की सुंदर प्रस्तुति दी और प्रथम स्थान हासिल किया। प्राथमिक विद्यालय कांडई चंद्रशिला के छात्र-छात्राओं ने गढ़वाली लोकगीत जब बटी जन्म लीनी, कभी सुख नि पाई गीत की प्रस्तुति देकर दूसरा और प्राथमिक विद्यालय नखोलियाना के छात्र-छात्राओं ने तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं प्रश्नोत्तरी में प्रावि कांडई चंद्रशिला प्रथम, टैगोर चिल्ड्रन एकेडमी द्वितीय और राजकीय प्राथमिक विद्यालय पोखरी तृतीय रहा। विधायक लखपत बुटोला ने विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। मंच संचालन उपेंद्र सती, रेखा पटवाल, ब्रह्मानंद किमोठी, हर्षवर्धन थपलियाल ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर जीआईसी उडामांडा के प्रधानाचार्य केएल टम्टा, प्राथमिक शिक्षक संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष ताजबर राणा, आकाश दीप नेगी, प्रेम सिंह, विजय प्रसाद आदि मौजूद रहे।
इंसेट
लोक गायक दिगंबर, अंकित व सोनम के गीतों पर झूमे
पोखरी। चंद्रकुंवर बर्त्वाल शरदोत्सव की प्रथम संध्या पर लोक गायक दिगंबर बिष्ट, अंकित किमोठी और सोनम नगोई ने लोकगीतों व जागरों की प्रस्तुति दी। देर रात तक सांस्कृतिक संध्या चली। दिगंबर बिष्ट ने जागर और कृष्ण गाथा, मेरू माधो सिंह नी आयो पर खूब तालियां बटोरीं। वहीं अंकित किमोठी और सोनम नगोई ने भी लोकगीत पेश किए। इस अवसर पर अर्जुन नेगी, राजेंद्र असवाल, धीरेंद्र राणा, कांग्रेस ब्लाॅक अध्यक्ष रविंद्र नेगी, मेला सचिव श्रवण सती, कुंवर चौधरी, अर्जुन नेगी, उपेंद्र सती सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
-
पांडवों ने अलकनंदा में किया स्नान
कर्णप्रयाग। जिलासू तहसील के सेमी गांव में पांडव लीला देखने के लिए देवतोली, सेमी ग्वाड़, सिवाई आदि स्थानों से लोग सेमी गांव पहुंच रहे हैं। सोमवार को पांडवों ने अलकनंदा नदी में स्नान किया और देवतोली में स्थित शिवालय मंदिर में पूजा की। इसके बाद वह पांडव चौक पहुंचे और देवनृत्य किया। इस मौके पर अनुज सेमवाल, राम चंद्र सेमवाल, सुबोध पुरोहित, मोहन प्रसाद, सतीश सेमवाल आदि मौजूद रहे। वहीं बरतोली गांव, गैरसैंण के चौरासैंण में भी पांडव नृत्य का आयोजन हुआ। संवाद