मुक्तिधाम की भूमि पर दबंगों का कब्जा
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मध्यप्रदेश में अंतिम अंतिम संस्कार की अजीबो गरीब तस्वीरें लगातार निकलकर सामने आ रही है, जिसमें किसी के यहां शमशान नहीं तो किसी के यहां मुक्तिधाम पर छत नहीं और कोई नदी पार करके अपने मृतकों का अंतिम संस्कार कर रहा है। लेकिन अशोकनगर जिले की पिपरई तहसील से कुछ अजीबोगरीब ही मामला निकलकर सामने आया है, जिसमें मृतक के परिजनों वा जनप्रतिनिधियों के द्वारा अंतिम संस्कार के लिए अस्थाई तौर पर मुक्तिधाम की व्यवस्था की गई। उसके बाद मृतक का अंतिम संस्कार किया गया, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल किए जा रहे है।
जानकारी के मुताबिक अशोकनगर जिले के पिपरई तहसील परिषद के वार्ड नंबर 9 में शुक्रवार की शाम दशरथ सिंह यादव की मृत्यु होने पर उनके अंतिम संस्कार के लिए अस्थाई रूप से मुक्तिधाम तैयार किया तैयार गया, तब जाकर उनका अंतिम संस्कार किया गया। आपको बता दें पिपरई तहसील के वार्ड नंबर 9 में रहने वाले दशरथ सिंह यादव का बीमारी के चलते निधन हो गया था और उनके अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम में जगह नहीं मिली। ग्रामीणों ने बताया कि मुक्तिधाम की जगह पर कब्जा हो चुका है, जहां लोगों का अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए था, वहां अतिक्रमणकारियों के द्वारा खेती की जा रही है।
जनप्रतिनिधियों ने कराई वैकल्पिक व्यवस्था
मृतक दसरथ सिंह यादव के परिवार वाले परेशान तो हुए तो मृतक के भतीजे चुन्नू यादव ने नगर परिषद के उपाध्यक्ष प्रतिनिधि राहुल यादव को फोन लगाया और सारी बात बताई, तब राहुल यादव ने तुरंत ही बिना देर किए स्वयं की ट्रैक्टर ट्रॉली और जेसीबी भेजे, जिससे अन्यंत्र जगह मुरम डाल कर किराए के टेंट हाउस के पाइप और निजी टीन भेजे, जिससे उनके बताए हुए स्थान पर टीन शेड बनाकर तैयार किया गया, जिसमें दसरथ सिंह यादव का अंतिम संस्कार किया गया
जनप्रतिनिधियों का कहना हैं
वार्ड पार्षद रुक्मणि राहुल यादव का कहना है कि वार्ड नंबर 9 के थिगली में पहले से ही मुक्तिधाम नहीं है और जो जगह है उस पर भी कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। कब्जे को मुक्त कराने के लिए दो बार तहसीलदार को आवेदन दे चुके हैं। नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि राहुल यादव का कहना है कि जैसे ही मुझे मृतक के भतीजे चुन्नू यादव ने बताया तो मैंने तुरंत ही मुरम पाइप और चद्दर भेजे और अस्थाई व्यवस्था कराई।