झारखंड में अभी सब कुछ सही नहीं चल रहा है. झारखंड की कांग्रेस-झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन सरकार खतरे में लग रही है. अयोग्यता के मामले में घिरे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को गठबंधन के सभी विधायकों की एक बैठक बुलाई थी. इस बैठक में 11 विधायकों के न पहुंचने के बाद गठबंधन नेताओं के होश उड़ गए हैं. वैसे तो गठबंधन नेता कह रहे हैं कि यह बैठक सुखाड़ यानी सूखा के मुद्दे पर बुलाई गई थी लेकिन राजनीति गलियारों में चर्चा है कि मामला कुछ और ही है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में सिर्फ़ 37 विधायक ही पहुंचे जबकि बहुमत के लिए 42 विधायक ज़रूरी हैं