TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, "तानाशाही सरकार आई है और वे वही दिखा रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी उस सरकार के मुख्यमंत्री और अग्निमित्रा पॉल मंत्री हैं, तो वे तानाशाही कितने तरीके से चला सकते हैं वह दिखा रहे हैं। किसी को काम नहीं करने दे रहे. जनता इसका जवाब देगी.इन्होंने मेरा पार्टी कार्यालय अवैध बोलकर तोड़ दिया लेकिन जो भाजपा का पार्टी कार्यालय अवैध था क्या उसे तोड़ा?.गाँधी जी की प्रतिमा, मंदिर, मस्जिद सब तोड़ दें अगर हिम्मत है तो?"
कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद ने आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा नेताओं का रवैया तानाशाही जैसा हो गया है और वे लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और अग्निमित्रा पॉल ऐसे व्यवहार कर रहे हैं मानो वे सरकार में सर्वोच्च पदों पर हों और प्रशासन को अपने तरीके से चलाना चाहते हों। कल्याण बनर्जी ने कहा कि भाजपा विपक्षी दलों को काम नहीं करने देना चाहती और राजनीतिक दबाव बनाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के कार्यालय को अवैध बताकर तोड़ दिया गया, जबकि भाजपा के ऐसे कई कार्यालय हैं जिनकी वैधता पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनके अनुसार यह कार्रवाई पूरी तरह पक्षपातपूर्ण और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। कल्याण बनर्जी ने कहा कि यदि प्रशासन वास्तव में अवैध निर्माणों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई करना चाहता है, तो उसे सभी दलों और संस्थानों पर समान रूप से कानून लागू करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा के कथित अवैध कार्यालयों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी या केवल विपक्षी दलों को निशाना बनाया जाएगा।
TMC सांसद ने अपने बयान में भावनात्मक और राजनीतिक दोनों तरह के सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सरकार में इतनी हिम्मत है तो वह महात्मा मोहनदास करमचंद गांधी की प्रतिमा, मंदिर और मस्जिदों को भी तोड़कर दिखाए। उनका यह बयान प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाने के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।
कल्याण बनर्जी के इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो गई है। भाजपा और TMC के बीच पहले से ही कई मुद्दों को लेकर तीखा संघर्ष चल रहा है। राज्य में राजनीतिक हिंसा, प्रशासनिक कार्रवाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर दोनों दल लगातार एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए दोनों दलों के बीच टकराव और अधिक बढ़ सकता है। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और किसी भी अवैध निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा हो।