पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा, "ममता बनर्जी के घर में क्या चल रहा है, इसमें बंगाल के लोगों की कोई दिलचस्पी नहीं है। TMC कोई राजनीतिक पार्टी नहीं थी, वह लूटेरों का संगठन बन गई। TMC की लोकतंत्र में कोई आस्था नहीं थी। TMC की मुख्यमंत्री ने अपने आपको देश के प्रधानंमत्री के ऊपर समझा, पश्चिम बंगाल को एक अलग राष्ट्र समझा.TMC की कोई विचारधारा नहीं थी, उनकी विचारधारा सिर्फ CPI(M) को हटाना था, लेकिन 2011 में सत्ता में आने के बाद उनकी विचारधारा कमज़ोर पड़ गई.TMC में न जनता की कोई दिलचस्पी है, न भाजपा की
Samik Bhattacharya ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ममता बनर्जी के घर या पार्टी के आंतरिक मामलों में राज्य की जनता की कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC एक राजनीतिक दल के बजाय “लूटेरों का संगठन” बन गई है और उसका लोकतांत्रिक मूल्यों में कोई विश्वास नहीं रहा।
समिक भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वयं को देश के प्रधानमंत्री से भी ऊपर समझने की कोशिश की और पश्चिम बंगाल को मानो एक अलग राष्ट्र की तरह संचालित किया। उनके अनुसार, TMC की कोई स्थायी वैचारिक पहचान नहीं रही। उन्होंने दावा किया कि पार्टी की मुख्य विचारधारा केवल Mamata Banerjee के नेतृत्व में Communist Party of India (Marxist) (सीपीआई-एम) को सत्ता से हटाना था, लेकिन 2011 में सत्ता में आने के बाद वह उद्देश्य पूरा हो गया और पार्टी वैचारिक रूप से कमजोर पड़ गई।
भाजपा नेता ने आगे कहा कि आज TMC के प्रति न तो आम जनता में कोई विशेष उत्साह बचा है और न ही भाजपा उसके आंतरिक घटनाक्रमों को लेकर चिंतित है। उनके अनुसार, राज्य की जनता अब विकास, सुशासन, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर अधिक ध्यान दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC सरकार के लंबे शासनकाल में भ्रष्टाचार, राजनीतिक हिंसा और प्रशासनिक विफलताओं के कई मामले सामने आए हैं, जिससे जनता का भरोसा कमजोर हुआ है।
हालांकि, यह बयान भाजपा की राजनीतिक आलोचना का हिस्सा है और TMC इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि उसने पश्चिम बंगाल में सामाजिक कल्याण, बुनियादी ढांचे और जनहित योजनाओं के माध्यम से व्यापक विकास किया है तथा भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे आरोप लगाती है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा और TMC के बीच तीखी बयानबाजी और वैचारिक टकराव लंबे समय से जारी है, और समिक भट्टाचार्य का यह बयान उसी राजनीतिक संघर्ष की एक कड़ी माना जा रहा है।