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बिहार में तेजस्वी और राहुल गांधी की हुंकार, दरभंगा से पटना तक चक्का जाम

Wed, 09 Jul 2025 05:12 PM IST
आदर्श वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

बिहार की सियासत में मंगलवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सड़क से संसद तक पहुंच गया है। विपक्षी INDIA गठबंधन ने इसे “लोकतंत्र की हत्या की साजिश” बताया है।

पटना से दरभंगा, जहानाबाद से मुजफ्फरपुर तक जगह-जगह चक्का जाम, सड़क पर टायर जलाना, ट्रेन रोकना और यहां तक कि प्रदर्शनकारी सड़क पर क्रिकेट खेलकर विरोध दर्ज कराते नजर आए।

वहीं, पटना में इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन में पहुंचे कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र की तरह अब बिहार में भी चुनाव चोरी की तैयारी हो रही है। लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। बिहार की जनता डरने वाली नहीं है।”

पटना के प्रदर्शन में राहुल गांधी ने कहा कि महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में INDIA गठबंधन की जीत हुई थी, लेकिन विधानसभा में भाजपा ने बाज़ी मारी। बाद में जांच में पाया गया कि “वोटर लिस्ट में एक दिन में लाखों वोटर जुड़ गए और करोड़ों वोट डाले गए। गरीबों के नाम गायब कर दिए गए।”

उन्होंने दावा किया कि जब विपक्ष ने चुनाव आयोग से वोटर लिस्ट मांगी तो आयोग ने जवाब तक नहीं दिया। “EC भाजपा और RSS का एजेंट बन गया है। वह संविधान नहीं, सरकार की सुन रहा है,” राहुल ने आरोप लगाया।

उन्होंने चेतावनी दी, “बिहार की जनता न तो डरेगी, न ही अपना हक छिनने देगी। जो महाराष्ट्र में हुआ, वो यहां नहीं होने देंगे।”

INDIA गठबंधन की अगुवाई में ‘बिहार बंद’ को लेकर राजद, कांग्रेस, भाकपा-माले और पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी सड़कों पर उतरी।

गांधी सेतु, मनेर, रामाशीष चौक, जहानाबाद, दरभंगा और सासाराम में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाए और ‘लोकतंत्र बचाओ’ के नारे लगाए।

पटना में सचिवालय हॉल्ट स्टेशन के पास कांग्रेस और राजद के कार्यकर्ताओं ने ट्रेनों को रोकने की कोशिश की, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। पुलिस ने कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया।

जहानाबाद में पटना-गया पैसेंजर ट्रेन को रोका गया और पटरी पर बैठकर नारेबाजी की गई। दरभंगा में संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को रोका गया। वहीं सासाराम, मोतिहारी और मुजफ्फरपुर में भी रेलवे ट्रैकों पर जाम रहा।

CRPF और RPF की तैनाती के बावजूद कई जगह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को चकमा देकर ट्रेनें रोकीं और स्टेशन परिसर में घुसकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि “चुनाव आयोग गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों के वोट काट रहा है। उनका राशन, पेंशन, पहचान—सब कुछ खतरे में है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

वहीं राजद नेता चंदन यादव ने कहा, “अगर सड़कें सुनसान हो जाएंगी, तो संसद बहरी हो जाएगी। आज बिहार की सड़कें बोल रही हैं।”

सिवान, आरा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मोतिहारी और दरभंगा जैसे जिलों में भी बंद का व्यापक असर देखा गया। राहुल गांधी और विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर यह आरोप लगाया है कि अब वह भाजपा के अधीन हो गया है।

राहुल गांधी ने कहा, “पहले सभी दलों की सहमति से चुनाव आयुक्त चुना जाता था, अब भाजपा खुद ही चुनाव आयुक्त चुनती है। यही कारण है कि वोटर लिस्ट की पारदर्शिता खत्म हो गई है।”

उन्होंने ये भी कहा कि “वोटर लिस्ट न देने का मतलब है कि आप सच्चाई छुपा रहे हैं। गरीबों को वोट देने से रोका जा रहा है, उनका भविष्य छीना जा रहा है।”

बिहार बंद के जरिए विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वह अब चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में है।

वोटर लिस्ट रिवीजन पर सवाल खड़े करते हुए यह प्रदर्शन अब एक राजनीतिक संघर्ष बन चुका है जिसमें सिर्फ वोट नहीं, बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना दांव पर लगी है। वहीं प्रशासन ने चेतावनी दी है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बिहार में INDIA गठबंधन का प्रदर्शन सिर्फ एक दिन का विरोध नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों की तस्वीर है। यह तय है कि विपक्ष अब ईवीएम, वोटर लिस्ट, चुनाव आयोग और सरकार की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठाएगा।

राहुल गांधी के सियासी हमले और तेजस्वी यादव की सड़क की लड़ाई आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति को नया मोड़ दे सकती है।

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