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Sonam Wangchuk Breaks Hunger Strike: पीएम मोदी के वीडियो संदेश पर क्यों भड़के Rahul Gandhi?

Fri, 24 Jul 2026 04:53 AM IST
Adarsh Jha अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

नीट पेपर लीक विवाद पर सियासी संग्राम और तेज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों के नाम वीडियो संदेश के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है, जबकि प्रधानमंत्री ने पेपर लीक के खिलाफ नए कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट का भरोसा दिया है। उधर, 26 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने भी अपना अनशन समाप्त कर दिया है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश के कुछ ही घंटों बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार को निशाने पर लिया। राहुल गांधी ने कहा कि छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं और सरकार को उनकी बुद्धिमत्ता का अपमान नहीं करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री के संदेश को निराशाजनक बताते हुए कहा कि छात्रों की आवाज सुनने के बजाय सरकार जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है।

राहुल गांधी ने अपनी पुरानी मांगों को दोहराते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने छात्र प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई, आंदोलन में शामिल छात्रों से माफी मांगने और उनके खिलाफ दर्ज मामलों पर पुनर्विचार की भी मांग की। राहुल का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने के लिए जवाबदेही तय करना जरूरी है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात छात्रों के नाम वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक कोई साधारण घटना नहीं है, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा बेहद संवेदनशील मुद्दा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई महीनों में दोषियों के खिलाफ कई कानूनी कार्रवाई की गई है और कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार अब और कड़े कदम उठाने जा रही है। उनके मुताबिक, फास्ट ट्रैक कोर्ट और पेपर लीक मामलों में कठोर सजा का प्रावधान करने वाले विधेयक का मसौदा तैयार हो चुका है। इस पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होगी और मंजूरी मिलने के बाद इसे जल्द संसद में पेश करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे और परीक्षा प्रणाली पर उनका भरोसा मजबूत हो।

इसी बीच छात्र आंदोलन से जुड़ा एक बड़ा घटनाक्रम भी सामने आया। नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों की मांगों के समर्थन में 26 दिनों से अनशन कर रहे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।

नीट पेपर लीक विवाद अब केवल परीक्षा प्रणाली का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा विषय बन चुका है। एक तरफ विपक्ष जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है, तो दूसरी ओर सरकार नए कानून और सख्त कार्रवाई का भरोसा दे रही है। ऐसे में अब सभी की नजर कैबिनेट के फैसले और संसद में आने वाले नए विधेयक पर रहेगी, क्योंकि यही तय करेगा कि देश की परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने की दिशा में सरकार कितनी आगे बढ़ पाती है।

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