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Ram Mandir Donation Scam: दिनभर नजरबंद के बाद होने के बाद अजय राय ने अयोध्या में किए रामलला के दर्शन

Wed, 01 Jul 2026 04:30 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने मंगलवार को अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन किए। पुलिस ने उन्हें राम मंदिर के क्रॉसिंग नंबर-2 से प्रवेश कराते हुए दर्शन की अनुमति दी। दर्शन के बाद अजय राय ने कहा कि वह स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि मंदिर में उन्होंने प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि के साथ-साथ यह प्रार्थना भी की कि प्रदेश में कथित रूप से चल रहे भ्रष्टाचार, जमीन घोटालों और चंदे में कथित गड़बड़ियों के दोषियों को भगवान उचित दंड दें। अजय राय ने कहा कि उन्होंने विशेष रूप से यह प्रार्थना की कि "जो लोग रामलला का पैसा खा रहे हैं, उन्हें भगवान दंड दें।

" इससे पहले दिनभर उन्हें अयोध्या में नजरबंद किए जाने को लेकर भी राजनीतिक विवाद देखने को मिला। अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि उन्हें आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में नजरबंद कर रखा गया था, जिससे वह अपने निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। हालांकि बाद में उन्हें राम मंदिर जाने की अनुमति मिली, जिसके बाद उन्होंने रामलला के दर्शन किए। दर्शन के उपरांत मीडिया से बातचीत में अजय राय ने कहा, "भगवान जब बुलाएंगे तो कोई रोक नहीं पाएगा। कोई सरकार और कोई सत्ता मुझे भगवान के दर्शन करने से नहीं रोक सकती। मैं महादेव का भक्त हूं और आज निश्चित रूप से भगवान ने मुझे बुलाया था।

" उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के समक्ष उन्होंने केवल एक ही प्रार्थना की कि अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े मामलों में यदि कहीं चोरी, भ्रष्टाचार या अनियमितता हुई है तो दोषियों को उनके कर्मों का दंड अवश्य मिले। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के इन बयानों को राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से जोड़कर देखा जा रहा है, जिनकी जांच फिलहाल संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। अजय राय की अयोध्या यात्रा और उनके बयानों ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और जवाबदेही का मुद्दा बता रही है, तो दूसरी ओर सत्तापक्ष इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दे रहा है। ऐसे में अयोध्या में हुई यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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