1 फरवरी 2026 को पेश किए गए केंद्रीय बजट के साथ ही LPG सिलेंडर की कीमतों को लेकर बड़ी चर्चा शुरू हो गई है, क्योंकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण से पहले ही तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी कर दी, जिसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैटरिंग सर्विस और छोटे फूड बिज़नेस पर पड़ने वाला है। नई दरें 1 फरवरी से लागू हो चुकी हैं, जिससे व्यापारियों की ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ गई है और इसका असर खाने-पीने की चीज़ों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
हालांकि राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है, यानी आम घरों के मासिक बजट पर तुरंत अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा। हर महीने की शुरुआत में ईंधन दरों की समीक्षा की जाती है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों, कच्चे तेल के भाव तथा डॉलर विनिमय दर जैसे कारक इन संशोधनों को प्रभावित करते हैं। बजट 2026-27 में सरकार का फोकस राजकोषीय संतुलन, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, टैक्स स्ट्रक्चर और कल्याणकारी योजनाओं पर रहा, लेकिन LPG दरों में यह बदलाव आम लोगों के लिए एक अहम मुद्दा बन गया है क्योंकि यह महंगाई की व्यापक तस्वीर से जुड़ा हुआ है। कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से छोटे कारोबारियों का मार्जिन कम हो सकता है, जबकि उपभोक्ताओं को बाहर खाने पर अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। कुल मिलाकर, घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत है, लेकिन बाजार स्तर पर लागत बढ़ने के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं, जिससे आने वाले समय में कीमतों की श्रृंखलाबद्ध बढ़ोतरी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।