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MLA Kamal Akhtar resigns as SP Chief Whip: कमाल अख्तर ने क्यों दिया पद से इस्तीफा? Akhilesh Yadav

Tue, 30 Jun 2026 08:32 PM IST
Adarsh Jha अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

समाजवादी पार्टी में मुरादाबाद की सियासत एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। मुरादाबाद से विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता कमाल अख्तर ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी के दल के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका यह फैसला ऐसे समय आया है, जब मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा के साथ लंबे समय से चल रहा विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इस्तीफे की वजह को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे दोनों नेताओं के बीच चल रही खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।

कमाल अख्तर ने इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर एक संक्षिप्त संदेश जारी किया। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जो भी आदेश उन्हें मिला है, उसका उन्होंने हमेशा पालन किया है और आगे भी जो निर्देश मिलेगा, उसका पूरी निष्ठा के साथ पालन करेंगे। उनके इस बयान को पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश माना जा रहा है, लेकिन साथ ही यह भी संकेत माना जा रहा है कि उन्होंने संगठन के फैसले का सम्मान करते हुए पद छोड़ा है।

गौरतलब है कि जुलाई 2024 में समाजवादी पार्टी ने कमाल अख्तर को विधानसभा दल का मुख्य सचेतक नियुक्त किया था। इससे पहले यह जिम्मेदारी मनोज कुमार पांडे के पास थी। मनोज पांडे के पार्टी छोड़ने और बाद में उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री बनने के बाद यह अहम जिम्मेदारी कमाल अख्तर को सौंपी गई थी।

दरअसल, कमाल अख्तर और सांसद रुचि वीरा के बीच मतभेद कोई नया नहीं है। दोनों नेताओं के रिश्तों में खटास 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान ही शुरू हो गई थी। हालांकि उस समय यह विवाद सार्वजनिक नहीं हुआ था, लेकिन हाल के दिनों में यह खुलकर सामने आ गया। 14 जून को मुरादाबाद में आयोजित पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) सम्मान सम्मेलन ने इस विवाद को और बढ़ा दिया। आरोप है कि इस कार्यक्रम में सांसद रुचि वीरा को न तो आमंत्रित किया गया और न ही उनके पोस्टर या तस्वीरों को जगह दी गई। इससे नाराज होकर उन्होंने पार्टी नेतृत्व तक अपनी शिकायत पहुंचाई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक आपात बैठक बुलाई। बैठक में सांसद रुचि वीरा, राज्यसभा सांसद जावेद अली, कमाल अख्तर और पूर्व विधायक यूसुफ अंसारी मौजूद रहे। उस समय माना जा रहा था कि पार्टी नेतृत्व ने दोनों पक्षों के बीच विवाद सुलझा लिया है और मामला शांत हो गया है। लेकिन अब कमाल अख्तर के इस्तीफे ने इस विवाद को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच असली विवाद मुरादाबाद लोकसभा सीट को लेकर रहा है। कमाल अख्तर इस सीट से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते थे। बताया जाता है कि अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी का सिंबल भी दे दिया था। लेकिन अंतिम समय में वरिष्ठ सपा नेता आजम खां के हस्तक्षेप के बाद पार्टी ने टिकट वापस लेकर रुचि वीरा को उम्मीदवार बना दिया। इसी फैसले के बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक दूरी बढ़ती चली गई।

अब कमाल अख्तर के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफे ने समाजवादी पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को फिर उजागर कर दिया है। हालांकि उन्होंने पार्टी और अखिलेश यादव के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई है, लेकिन आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व इस घटनाक्रम को किस तरह संभालता है, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

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