ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा, "PNG के संदर्भ में केंद्र सरकार दिल्ली को पहले ही बहुत बड़े तरीके से जाल को बढ़ाना चाहती थी.जब पूरे विश्व में संघर्ष जैसी स्थिति की कारण असुविधा है तो हम दिल्ली में ज्यादा से ज्यादा PNG उपभोगताओं को शामिल करना चाहते हैं. साथ ही साथ हमारे द्वारा हमारी मिड डे मील की रसोईयों में, अटल कैंटीन, MCD की रसोई, जिन जगहों पर नाइट शेल्टरों का खाना बनता है वहां, छोटे-छोटे परिवर्तन किए गए हैं ताकि उपलब्धता हो सके.अनेक काम किए जा रहे हैं ताकि जनता को सस्ती गैस उपलब्ध हो. हमारे शहरी विकास विभाग ने इसमें पहल की है और हम हमारी इन रणनीतियों का आगे ले जाने का प्रयास करेंगे।"
सरकार देशभर में स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से हर महीने लगभग 25 हजार पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन देने की तैयारी कर रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक घरों तक गैस की सुविधा सुरक्षित, सस्ती और आसान तरीके से पहुंच सके। PNG कनेक्शन पारंपरिक LPG सिलेंडरों की तुलना में अधिक सुविधाजनक माने जाते हैं, क्योंकि इसमें सिलेंडर बदलने की झंझट नहीं होती और गैस सीधे पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक पहुंचती है। इसके साथ ही यह पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर विकल्प है, क्योंकि इससे प्रदूषण अपेक्षाकृत कम होता है।
सरकार और गैस वितरण कंपनियां मिलकर इस योजना को तेजी से लागू करने पर काम कर रही हैं। खासतौर पर शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। इस कदम से न केवल आम लोगों की दैनिक जीवन में सुविधा बढ़ेगी, बल्कि रसोई गैस की आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं भी काफी हद तक कम होंगी। इसके अलावा, PNG का उपयोग सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इसमें गैस लीकेज की संभावना कम होती है और किसी भी आपात स्थिति में सप्लाई को तुरंत बंद किया जा सकता है।
इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि यह ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों को बढ़ावा देता है। प्राकृतिक गैस को कोयला और अन्य पारंपरिक ईंधनों की तुलना में कम प्रदूषणकारी माना जाता है, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को PNG नेटवर्क से जोड़ा जाए, जिससे देश की ऊर्जा जरूरतों को अधिक टिकाऊ तरीके से पूरा किया जा सके।
कुल मिलाकर, हर महीने 25 हजार PNG कनेक्शन देने की योजना आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। इससे न केवल गैस की उपलब्धता आसान होगी, बल्कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित ऊर्जा उपयोग की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।