सोनम वांगचुक को लेकर राजस्थान के जोधपुर जेल में देर रात से अचानक हलचल बढ़ तेज रही। खबरों की मानें तो यहां बड़ी संख्या में पुलिस की गाड़ियां पहुंची। जेल के चारों तरफ़ सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, और पुलिस अलर्ट दिखी। इतना ही नहीं पुलिस की गाड़ियों ने सीधे जेल परिसर के अंदर प्रवेश किया। खबरों की मानें तो बताया जा रहा है कि जलवायु कार्यकर्ता सोनम को यहां पर ही शिफ्ट किया गया है। समाचार एजेंसी के मुताबिक पुलिस ने सोनम वांगचुक को शुक्रवार को गिरफ्तार किया और इसके बाद राजस्थान के जोधपुर की जेल में भेज दिया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हो गई थी और इस दौरान 90 लोग घायल हो गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, लद्दाख पुलिस प्रमुख जम्वाल के नेतृत्व में दोपहर 2:30 बजे के लगभग वांगचुक को हिरासत में लिया गया। हालांकि, आधिकारिक रूप से आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया गया है।
दूसरी तरफ लेह क्षेत्र में इस मामलें को लेकर एहतियातन मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। अगर वांगचुक के बारें में बात करें तो वो लंबे समय से लेह एपेक्स बॉडी और करगिल डेमोक्रेटिक एलायंस के नेतृत्व में लद्दाख को राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा दिलाने के आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने वांगचुक पर लेह में हालिया हिंसा भड़काने का आरोप लगाया, जबकि उन्होंने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि युवाओं की नाराजगी ही हिंसा का कारण है और उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है। गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही गृह मंत्रालय ने वांगचुक द्वारा स्थापित संगठन "स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख का FCRA लाइसेंस रद्द कर दिया था। मंत्रालय ने वित्तीय गड़बड़ियों और "राष्ट्रीय हित" के खिलाफ माने गए धन हस्तांतरण का हवाला दिया। फिलहाल उन्हे जोधपुर जेल में शिफ्ट किया गया है।