I-PAC ED Raids Case: विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में चुनाव रणनीतिकार संस्था आई-पैक के ठिकानों पर ईडी के छापों को लेकर गुरुवार को टीएमसी और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई।
टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि ईडी की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है और आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए की गई है। उन्होंने सवाल उठाया, "यह 2020 का मामला है। पांच-छह साल तक एजेंसी क्या कर रही थी? चुनाव से ठीक पहले वे अचानक क्यों जाग गए?" घोष ने कहा कि आई-पैक निदेशक प्रतीक जैन के पास पार्टी के चुनाव अभियान का डेटा और रणनीति है। बीजेपी ईडी का इस्तेमाल करके इस जानकारी को हासिल करना या बाधित करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि जब प्रशांत किशोर पार्टी से जुड़े थे तब छापे नहीं पड़े, लेकिन अब प्रतीक जैन को निशाना बनाया जा रहा है। घोष ने जोर देकर कहा कि ममता बनर्जी ने पार्टी के डेटा की सुरक्षा के लिए विरोध किया था और जनता सब देख रही है कि यह एक "राजनीतिक तलाशी" है।
वहीं, भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा, "उन्होंने ED की कार्रवाई में जिस तरह से व्यवधान डाला और जिस तरह से वे उनकी फाइल छीनकर ले गईं, यह किसी मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता है। लोकतंत्र में इसकी कोई जगह नहीं है। यह बहुत बड़ा गुनाह है।"