पहाड़ों पर इन दिनों कुदरत की मार देखने को मिल रही है कई जगह मूसलाधार बारिश से लोग बेहाल है मौसम में लगातार हो रहे बदलाव से कई नदियां और नाले उफान पर है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में देर रात से जारी भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने और भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है। शहर के विकास नगर में पेड़ गिरने से एक भवन की छत टूट गई और सड़क भी बंद हो गई है। इसके अलावा टूटी कंडी में भी एक साथ आधा दर्जन से ज्यादा पेड़ गिरने से कई गाड़ियां चकनाचूर हो गई है। यहां सड़क भी बंद है। खालिनी में ढारा ढहने से 6 मजदूर बाल बाल बच गए। तड़के सुबह करीब 4:00 बजे यह घटना हुई। बता दे की ऑरेंज अलर्ट के बीच बीते सोमवार को राजधानी शिमला, मंडी में झमाझम बादल बरसे। शिमला शहर में सुबह से शाम तक बारिश का दौर जारी रहा। कांगड़ा के डमटाल में जम्मू-जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार सुबह एक कॉलेज बस और बाइक पर पत्थर गिर गए। इसमें दो बाइक सवार लोग घायल हो गए। जबकि कॉलेज बस डिवाइडर से टकरा गई। पांवटा-शिलाई-गुम्मा नेशनल हाईवे तीन घंटे बंद रहा। यहां काली ढांक में भूस्खलन की चपेट में तीन वाहन आ गए। इसमें एंबुलेंस चालक को हल्की चोंटे आई हैं।
वहीं, सोमवार शाम तक प्रदेश में 315 सड़कें, 72 बिजली ट्रांसफार्मर और 491 पेयजल योजनाएं प्रभावित रहीं। मंगलवार को भी अधिकांश जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है। 14 अगस्त तक के लिए प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट रहेगा।कुल्लू और मंडी के दो गांव भूस्खलन की जद में आ गए हैं। 21 परिवारों ने घर खाली कर दिए हैं। मंडी के टनिपरी गांव में रविवार रात गांव की पहाड़ी में अचानक बड़ी-बड़ी दरारें आ गईं, जिससे ग्रामीण दहशत में आ गए। हालात खराब होने के चलते प्रशासन ने नौ परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। कुल्लू के टिचना में पीड़ित 12 परिवारों ने रिश्तेदारों के पास शरण ली है। मवेशियों के लिए टेंट लगाए गए हैं। मणिकर्ण घाटी के बरशैणी पंचायत के शिल्हा गांव के नीचे लगातार भूस्खलन हो रहा है।प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 11 अगस्त तक 229 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 323 लोग घायल हुए हैं। 36 लोग अभी भी लापता हैं। इस दाैरान 116 लोगों की सड़क हादसों में माैत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 2,388 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 1,955 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,611 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 2,00,741.57 लाख रुपये पहुंच गया है।