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यूपी के इन 17 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, प्रयागराज से वाराणसी तक रेड अलर्ट जारी

Thu, 07 Aug 2025 01:58 PM IST
आदर्श वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

उत्तर प्रदेश में मॉनसून एक बार फिर अपने उफान पर है। मंगलवार और बुधवार को प्रदेश के पश्चिमी तराई इलाकों में रिकॉर्डतोड़ बारिश के बाद अब मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि गुरुवार से दक्षिणी हिस्सों, विंध्य क्षेत्र और पूर्वांचल में भारी बारिश की शुरुआत होगी। इस बार की बारिश सिर्फ आसमान से नहीं, बल्कि बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश के ऊपर बने दबाव से भी बरसने वाली है।

बीते दो दिनों में पश्चिमी यूपी के तराई क्षेत्र पानी-पानी हो गया। बिजनौर में 190 मिमी, बरेली में 160 मिमी, मुरादाबाद में 150 मिमी, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और शाहजहांपुर में भी भारी बारिश दर्ज की गई। नालों का पानी सड़कों पर बहने लगा और कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई। खेतों में पानी भरने से फसलें भी प्रभावित होने लगी हैं।

लखनऊ के आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, बांग्लादेश के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जो बंगाल की खाड़ी में सक्रिय द्रोणि से मिलकर प्रभावी हो रहा है। इस सिस्टम की वजह से प्रदेश में पूर्वा हवाएं तेज़ी से सक्रिय हो रही हैं। इसका नतीजा यह होगा कि मॉनसून अब धीरे-धीरे प्रदेश के दक्षिणी जिलों और पूर्वांचल की ओर बढ़ेगा।

मौसम विभाग ने गुरुवार से अगले 48 घंटे तक प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर और अयोध्या में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज़ हवाएं और मूसलधार बारिश की संभावना है।

बरेली और मुरादाबाद में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्कूलों में पानी भरने से कई जगहों पर छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। वहीं, प्रशासन ने राहत और बचाव टीमों को सतर्क कर दिया है। जलभराव वाले इलाकों में पंप लगाकर पानी निकालने की व्यवस्था की जा रही है। जिलाधिकारियों को हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तर प्रदेश के जिन इलाकों में धान की रोपाई चल रही थी, वहां अचानक आई भारी बारिश से खेत जलमग्न हो गए हैं। इससे धान की नर्सरी और रोपे गए पौधों को नुकसान पहुंचा है। विशेषकर पश्चिमी यूपी में गन्ना और धान की फसल पर खतरा मंडरा रहा है। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग शुरू कर दी है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलों को सतर्क करते हुए निर्देश दिया है कि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पर नजर रखी जाए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। SDRF और NDRF की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने भी चेतावनी जारी की है कि लगातार बारिश के कारण जलजनित बीमारियों की संभावना बढ़ सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, यह बारिश फिलहाल रुक-रुक कर होती रहेगी। 10 अगस्त तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज़ और मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 12 अगस्त के बाद कुछ राहत मिलने की संभावना है, लेकिन तब तक पूर्वांचल और तराई के जिलों में भारी बारिश की आशंका बनी रहेगी।

उत्तर प्रदेश एक बार फिर मानसून की चपेट में है। बंगाल की खाड़ी से उठे दबाव के कारण कई जिलों में अगले कुछ दिन भारी बारिश की चपेट में रहने वाले हैं। प्रशासन ने भले ही राहत और बचाव की तैयारी कर ली हो, लेकिन स्थानीय लोगों को भी सावधानी बरतने की ज़रूरत है। विशेषकर निचले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें, और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें।

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