फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CJP Protest-Jantar Mantar: CJP Sansad March के बीच Sonam Wangchuk की शर्तें,खत्म करेंगे अनशन!Abhijit

Mon, 20 Jul 2026 11:54 AM IST
Adarsh Jha अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

क्या सोनम वांगचुक आज अपना अनशन खत्म कर देंगे? क्या संसद मार्च से पहले सरकार और विपक्ष के सामने नई शर्तें रख दी गई हैं? और आखिर सफदरजंग अस्पताल से भेजे गए उस संदेश में ऐसा क्या लिखा है, जिसने सियासी हलचल तेज कर दी है? संसद के मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जंतर-मंतर की घेराबंदी कर दी गई है और संसद मार्च को लेकर माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है। 

संसद मार्च से ठीक पहले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल से सरकार और देश की राजनीतिक पार्टियों के नाम एक अहम संदेश जारी किया है। पिछले कई दिनों से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक जैसी घटनाओं की जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे वांगचुक ने साफ किया है कि वे किन परिस्थितियों में अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं।

सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में वांगचुक ने तीन शर्तें रखी हैं। पहली, सरकार सार्वजनिक रूप से शिक्षा व्यवस्था में हालिया नाकामियों और पेपर लीक जैसे मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे। दूसरी, उन्हें और सीजेपी नेतृत्व को संसद तक जाने दिया जाए, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद उनसे मिलकर भरोसा दें कि शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक का मुद्दा संसद में मजबूती से उठाया जाएगा। और तीसरी, यदि स्वास्थ्य या अन्य कारणों से उनका संसद जाना संभव नहीं हो, तो अलग-अलग दलों के सांसद और नेता सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर यही भरोसा दें।

अपने संदेश में वांगचुक ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में गैर-कानूनी तरीके से नजरबंद रखा गया है। उनका कहना है कि उनकी आवाजाही, बातचीत और लोगों से मिलने की स्वतंत्रता पर रोक लगाई गई है। हालांकि, सरकार का पक्ष इससे अलग है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने अदालत के निर्देशों के अनुपालन में जंतर-मंतर से आंदोलनकारियों को हटाया था और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इसी बीच, आज से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। आंदोलनकारियों ने संसद तक मार्च निकालने का ऐलान किया है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि संसद सत्र के दौरान किसी भी तरह का बड़ा प्रदर्शन कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है।

यही वजह है कि नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा दिया गया है। जंतर-मंतर के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जा रही है। संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।

उधर, सोनम वांगचुक की पत्नी पहले ही आंदोलनकारियों से संसद मार्च जारी रखने की अपील कर चुकी हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या आंदोलन अपने अगले चरण में प्रवेश करेगा, या फिर सरकार और राजनीतिक दलों की ओर से कोई ऐसा कदम उठाया जाएगा जिससे गतिरोध खत्म हो सके।

अब सबकी नजरें संसद के मानसून सत्र, प्रस्तावित संसद मार्च और सोनम वांगचुक की अगली रणनीति पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि सरकार, विपक्ष और आंदोलनकारी आने वाले घंटों में कौन सा रास्ता चुनते हैं।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें