इन दिनों भले ही देश में कई मुद्दे चर्चा में हों लेकिन एक सवाल सबसे ज्यादा सुर्खियों में है,बीजेपी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा?संगठन चुनाव की तैयारियां जोरों पर थीं। मगर संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन कुछ ऐसा हुआ जिसके बाद पूरी प्रक्रिया अधर में लटक गई, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर पार्टी के अंदर सुगबुगाहट तेज थी, लेकिन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अप्रत्याशित इस्तीफे ने इस पूरी प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई और बीजेपी की संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया फिलहाल ठहर गई है। धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब पार्टी और केंद्र सरकार का पूरा ध्यान नए उपराष्ट्रपति के चुनाव पर केंद्रित हो गया है। ऐसे में बीजेपी अध्यक्ष पद की दौड़ फिलहाल थमती दिख रही है। यही नहीं, कई राज्यों में पार्टी संगठन की नई नियुक्तियों का इंतजार भी और लंबा खिंच सकता है।
बीजेपी के संविधान के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव तब तक नहीं हो सकता जब तक देश के कम से कम आधे राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव ना हो जाएं। लेकिन उत्तर प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों में अभी भी नए प्रदेश अध्यक्ष तय नहीं हुए हैं।यही कारण है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता लंबे समय से संगठनात्मक नेतृत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन धनखड़ के इस्तीफे से स्थिति और जटिल हो गई है। अब तक यह अनुमान लगाया जा रहा था कि अगस्त के पहले हफ्ते तक बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव संपन्न हो जाएगा, लेकिन अब यह संभावना काफी कमजोर पड़ गई है।
हालांकि पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, अध्यक्ष पद के लिए कुछ नामों पर चर्चा ज़रूर हो रही है। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पूर्व मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव प्रमुख हैं। इन सभी नेताओं को उनके संगठनात्मक अनुभव, सामाजिक समीकरणों और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के आधार पर देखा जा रहा है। लेकिन फिलहाल पार्टी और आरएसएस के बीच किसी एक नाम पर आम सहमति नहीं बन सकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीजेपी ने धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव के नाम आरएसएस को प्रस्तावित किए हैं, लेकिन संघ की ओर से अब तक कोई हरी झंडी नहीं मिली है।