दीपक सैनी भाजपा के लिए समर्पित कार्यकर्ता था। वह पिछले निकाय चुनाव में 19 वर्ष की कम उम्र में ही भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़कर जीता था। पार्टी से उसे बहुत लगाव था, लेकिन टिकट न मिलने का उसे इतना मलाल हुआ कि उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।