राजनीति में एक पुरानी कहावत है कि यदि आप चर्चा में नहीं हैं, तो आपकी मौजूदगी का कोई खास मायने नहीं रह जाता। सियासत में वही नेता प्रभावी माना जाता है, जो अपने समर्थकों के साथ-साथ विरोधियों का भी ध्यान खींचे और उन्हें प्रतिक्रिया देने पर मजबूर कर दे। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मानो इस राजनीतिक सूत्र को भलीभांति समझते हों। यही वजह है कि वह लगातार सुर्खियों में बने रहते हैं और राजनीतिक विरोधियों के निशाने पर भी अक्सर दिखाई देते हैं। उनकी सक्रियता और बयान अक्सर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन जाते हैं...