ग्राम रोजगार सेवक संघ प्रदेशाध्यक्ष मुनीष कुमार
शिवराज के राज्य अध्यक्ष बनने का जताया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। ग्राम रोजगार सेवक संघ के राज्य अध्यक्ष मुनीष कुमार ने पूर्व अध्यक्ष के खुद को संघ का नया अध्यक्ष घोषित करने पर विरोध जताया है। मुनीष ने कहा कि जीआरएस संघ की प्रदेश कार्यकारिणी इस वर्ष अक्तूबर में गठित हुई थी, जबकि घोटालों में संलिप्त पूर्व अध्यक्ष शिवराज कांगड़ा में 100 सदस्यों की बैठक कर अपने-आप को अध्यक्ष बता रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व अध्यक्ष की ओर से किए गबन के मामले को लेकर संघ कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। ग्राम रोजगार सेवक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुनीष कुमार ने कहा कि संघ के प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव छह अक्तूबर 2024 को नगरोटा बगवां में हुए जनरल हाउस में हुआ था। उस बैठक में हिमाचल के समस्त जिलों से करीब 300 से अधिक ग्राम रोजगार सेवकों ने हिस्सा लिया था। उस बैठक में सर्वसहमति से मुनीष कुमार को राज्य अध्यक्ष बनाया था और महासचिव शशि कांत जिला कांगड़ा समेत समस्त कार्यकारिणी का गठन किया था। इससे पूर्व 14 सितंबर 2024 को संघ के अध्यक्ष शिव राज ने अपना इस्तीफा दे दिया था। वह समस्त ग्राम रोजगार सेवकों को गलत दिशा में धकेल रहा था और भोले भाले ग्राम रोजगार सेवकों को सरकार के विरुद्ध जाने के लिए वरगला रहा था। वहीं, कोट केस के लिए सभी ग्राम रोजगार सेवकों से 12 हजार रुपये की वसूली कर रहा था और उनसे कंसेंट फॉर्म भी भरवा रहा था। इसके लिए कुछ ग्राम रोजगार सेवकों ने मना किया, तो उसने आनन-फानन में अपना इस्तीफा दे दिया। पूर्व अध्यक्ष को जब नगरोटा बगवां में छह अक्तूबर 2024 को हुई राज्यस्तरीय बैठक में पिछले सालों का सारा आय-व्यय देने और अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया, तो वो बैठक में नहीं पहुंचा। इसके बाद उसने मंडी में बीते 14 दिसंबर को आय-व्यय देने के बहाने ग्राम रोजगार सेवकों को बुलाया और वहां आय-व्यय का ब्योरा तो नहीं दिया, लेकिन फिर से अपने-आप को संघ के राज्य अध्यक्ष के पद पर आसीन होने के दावे कर रहा है। मुनीष कुमार और संघ की राज्य कार्यकारिणी ने इसका पूरी तरह से विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि जो भी ग्राम रोजगार सेवक संघ को बदनाम करने की कोशिश करेंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।