राजनांदगांव शहर के बसंतपुर राजीव नगर वार्ड नंबर 42 में पिछले 15 दिनों से अधिक समय से नलों से गंदा और कीड़ा युक्त पानी आ रहा है। नगर निगम प्रशासन की लापरवाही के चलते स्थानीय निवासी मजबूरन इस अशुद्ध पानी का सेवन कर रहे हैं। शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। शहर के अन्य वार्डों में भी गंदे पानी की शिकायतें बनी हुई हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
निगम प्रशासन की उदासीनता और जन स्वास्थ्य पर संकट
बसंतपुर राजीव नगर क्षेत्र में गंदे पानी की समस्या गंभीर बनी हुई है। नलों से मटमैला और कीड़ा युक्त पानी घरों तक पहुंच रहा है, जिससे लोग परेशान हैं। मजबूरी में वे पानी को छानकर और उबालकर पी रहे हैं, ताकि किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न न हो। लगभग दो महीने पहले इसी वार्ड में डायरिया के मामले सामने आए थे, जिसके बाद प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य शिविर भी लगाए गए थे। इसके बावजूद, पानी की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ है। कुछ दिनों के लिए साफ पानी आने के बाद फिर से गंदा और कीड़ा युक्त पानी मिलने लगता है। वार्डवासियों ने कई बार नगर निगम प्रशासन से शिकायत की है, लेकिन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
निवासियों की व्यथा और जनप्रतिनिधियों से गुहार
स्थानीय निवासी नंदरानी गुप्ता और उमेश कुमार जैसे कई लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि यह समस्या पिछले कई दिनों से बनी हुई है और इसका समाधान नहीं हो पा रहा है। लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं और उसे पीने योग्य बनाने के लिए अतिरिक्त प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से इस गंभीर समस्या के शीघ्र समाधान की गुहार लगाई है, ताकि उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। मध्य प्रदेश के इंदौर में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद भी राजनांदगांव नगर निगम प्रशासन द्वारा सबक नहीं लिया जाना चिंता का विषय है।