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सरेंडर नक्सली बने सिपाही: राजनांदगांव पीटीएस में 83वां दीक्षांत समारोह, 223 नव आरक्षक पास

अमर उजाला नेटवर्क, राजनांदगांव Updated Tue, 17 Mar 2026 05:35 PM IST

राजनांदगांव के पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (पीटीएस) में आज 83वां नव आरक्षक दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। इसमें 223 नव आरक्षकों ने 10 महीने का बुनियादी प्रशिक्षण पूरा कर आरक्षक का पद प्राप्त किया। यह आरक्षक अब प्रदेश के अलग-अलग थानों में अपनी सेवाएं देंगे।

इस समारोह की महत्वपूर्ण कड़ी यह है कि इनमें 30 समर्पित नक्सली शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 33 नक्सल पीड़ित परिवार के सदस्य और 42 गोपनीय सैनिक भी आरक्षक बन गए हैं। प्रदेश सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ इन समर्पित नक्सलियों को मिल रहा है। बुनियादी प्रशिक्षण पूरा करने वाले ये 30 समर्पित नक्सली पहले नक्सल प्रभावित जिलों में सक्रिय थे। उन्होंने नक्सली संगठन छोड़कर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था।
 
अब वे पुलिस के जवान बन गए हैं और समाज की मुख्य धारा से जुड़कर जीवन जी रहे हैं। इनका कहना है कि नक्सली जीवन कठिनाइयों भरा और बहुत खराब था। समाज से जुड़ने के बाद वे अब बहुत अच्छा जीवन यापन कर रहे हैं। उन्हें प्रदेश सरकार की पुनर्वास नीति से भी लाभ मिला है।  
प्रदेश सरकार की पुनर्वास नीति ने समर्पित नक्सलियों को नया जीवन दिया है। इस नीति के तहत उन्हें पुलिस बल में शामिल होने का अवसर मिला है। यह कदम उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध हुआ है। नक्सली जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति पाकर वे अब बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर हैं।

कुल 223 नव आरक्षक अब प्रदेश के विभिन्न थानों में अपनी सेवाएं देंगे। इनमें समर्पित नक्सली, नक्सल पीड़ित परिवार और गोपनीय सैनिक शामिल हैं। इन सभी ने 10 महीने का कठोर बुनियादी प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह प्रशिक्षण उन्हें पुलिस बल के महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में तैयार करता है। वे अब कानून व्यवस्था बनाए रखने में अपना योगदान देंगे।

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