भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने आज उग्र प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में हुआ। छात्र संघ चुनाव बहाली इनकी प्रमुख मांग है। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विशाल खंबारी और प्रदेश महासचिव मनोहर सेठिया के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय का घेराव किया। छात्रों ने भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध किया। उन्होंने विश्वविद्यालयों में पनप रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई।
एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य सिंह बिसेन ने कहा कि छात्र संघ चुनाव लाखों छात्रों का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार को यह अधिकार वापस देना होगा। चुनावों के अभाव में विश्वविद्यालय भ्रष्टाचार के अड्डे बन चुके हैं। छात्रों की सहमति बिना सरकारी धन की बंदरबांट हो रही है। पीएम ऊषा योजना और जनभागीदारी फंड में अनियमितताएं सामने आ रही हैं। एनएसयूआई लगातार इसका पुरजोर विरोध करती आई है।
विश्वविद्यालयों पर आरोप
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विशाल खंबारी ने बताया कि साल 2016 से छात्र संघ चुनावों पर रोक है। इस कारण बस्तर के सैकड़ों छात्र सड़क पर उतरने को मजबूर हुए हैं। भाजपा सरकार छात्रों की आवाज कुचल रही है। केंद्र और राज्य के बजट का दुरुपयोग हो रहा है। बेबुनियाद विषयों पर लाखों रुपये के सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं।
विशाल खंबारी ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का कार्यालय बन रहे हैं। टेंडर से लेकर खरीदी तक भाजपा नेताओं के इशारों पर हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव बहाल न होने पर एनएसयूआई उग्र आंदोलन करेगी। एनएसयूआई प्रदेश महासचिव मनोहर सेठिया ने भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा, भाजपा एबीवीपी की हार के डर से चुनाव रोक रही है।