एनआरएलएम (बिहान) योजना के तहत कार्यरत सीआरपी सक्रिय महिला, कृषि सखी और पशु सखी महिलाओं ने सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कोंडागांव जिला मुख्यालय के डीएनके ग्राउंड में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। जिले भर की लगभग 2000 महिलाएं हड़ताल पर बैठ गई हैं। महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर एसडीएम कोंडागांव को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान की मांग की है।
महिलाओं का कहना है कि वे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की बिहान योजना के अंतर्गत गांवों में समूह गठन, बैठक आयोजित करना, समूह का खाता खुलवाना, लोन दिलवाना, ऑडिट करवाना, बीमा से संबंधित जानकारी देना, सर्वे करना, कृषि और पशुपालन से जुड़े कार्यों में ग्रामीणों का मार्गदर्शन करने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। इसके अलावा उनसे कई अन्य विभागीय और गैर-विभागीय कार्य भी करवाए जाते हैं।
महिलाओं का आरोप है कि इतने महत्वपूर्ण कार्य करने के बावजूद उन्हें मात्र 1910 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है, जो बेहद कम है और वह भी नियमित रूप से नहीं मिलता। कई बार 5 से 6 महीने में एक बार भुगतान किया जाता है। महिलाओं ने मांग की है कि उनका मानदेय बढ़ाकर कम से कम 10 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए और इसे न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार तय किया जाए।
हड़ताल पर बैठी महिलाओं ने यह भी कहा कि उनसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के कार्य कराए जाते हैं, जिसके लिए उन्हें अपने निजी मोबाइल फोन और इंटरनेट का उपयोग करना पड़ता है, लेकिन इसके लिए कोई अलग से भत्ता नहीं दिया जाता। कई बार प्रशिक्षण और बैठकों में शामिल होने के लिए जनपद या क्लस्टर स्तर पर आना-जाना पड़ता है, जिसके लिए भी कोई यात्रा भत्ता नहीं मिलता।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि वर्षों से कार्यरत कई सक्रिय महिलाओं को जबरन कार्य से हटाया जा रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने मांग की है कि सभी कैडरों को मोबाइल, इंटरनेट खर्च, दैनिक भत्ता और यात्रा भत्ता दिया जाए, साथ ही उन्हें नियुक्ति पत्र देकर नियमित किया जाए।
महिलाओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। महिलाओं के हड़ताल पर चले जाने से जिले में बिहान योजना से जुड़े कई कार्य प्रभावित होने की संभावना भी जताई जा रही है।