सोमवार दोपहर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कार्बन फैक्टरी में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। फैक्टरी में कार्बन टैंक फटने से मौके पर हड़कंप मच गया। इस घटना से प्लांट के अंदर काम कर रहे कर्मचारी बाल-बाल बच गए।
बताया गया कि इंडस्ट्रियल एरिया की इस फैक्टरी में बाहर से टैंकरों से तरल पदार्थ लाकर कार्बन तैयार किया जाता है। टैंक फटने के दौरान बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कर्मचारी मौके पर मौजूद थे। अचानक फटने के बाद उसका गर्म हार्ड पीच फैक्टरी के अंदर बहने लगा। यह इतना गर्म था कि किसी की भी चपेट में आने से बड़ा हादसा हो सकता था।
फैक्टरी में मौजूद लोगों ने तत्काल दमकल वाहन को सूचना दी। सूचना मिलते ही सीएसईबी के दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। उन्होंने गर्म लावा को पानी और फायर फोम के माध्यम से ठंडा करने का प्रयास किया। फायर मेन धर्मेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि फायर टीम को टैंक फटने की सूचना मिली थी। तत्काल मौके पर पहुंचकर दो टैंकर पानी और फोम का छिड़काव कर आग पर काबू पाया गया।
औद्योगिक नियमों की अनदेखी
फैक्टरी में औद्योगिक नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। संबंधित अधिकारियों को भी ठेंगा दिखाया जा रहा है। यह घटना कहीं न कहीं लापरवाही के चलते सामने आई है। कार्बन फैक्टरी के बाहर किसी तरह का कोई बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। इससे यह स्पष्ट नहीं होता कि यह किस तरह की फैक्ट्री है और यहां क्या काम होता है।
मामले की होगी जांच
इंडस्ट्रियल एरिया से निकलने वाले जहरीले केमिकल और धुएं से आसपास के लोग काफी परेशान हैं। पुलिस लाइन में रहने वाले परिवार इससे अधिक प्रभावित हैं। इसकी शिकायत पर्यावरण विभाग से भी की जा चुकी है, लेकिन अब तक किसी तरह की पहल नहीं हुई है। इंडस्ट्रियल एरिया और फैक्ट्री की जांच की जिम्मेदारी किसकी है, यह समझ से परे है। यह क्षेत्र जिला औद्योगिक मंत्री लखनलाल देवांगन के इलाके में आता है।