बिलासपुर हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह याचिका ग्राम पंचायत घुटुरकुंडी, जनपद पंचायत पंडरिया, जिला कबीरधाम के निवासी हेमंत कुमार साहू द्वारा उनके अधिवक्ताओं वैभव पी. शुक्ला और आशीष पाण्डेय के माध्यम से दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने अदालत के समक्ष यह मुद्दा उठाया कि पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण के निर्धारण के लिए जो संशोधित नियम बनाए गए हैं, उनमें प्रत्येक ब्लॉक में ओबीसी वर्ग की जनसंख्या के अनुपात में सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, अधिवक्ता वैभव पी. शुक्ला ने तर्क दिया कि राज्य सरकार के पास ओबीसी जनसंख्या के सही आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में बिना सटीक आंकड़ों के आरक्षण का आवंटन करना संविधान के सिद्धांतों का उल्लंघन होगा।मामले को जस्टिस बी. डी. गुरु ने मामले को गंभीरता से लेते हुए याचिका स्वीकार कर ली और राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इस मामले की सुनवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि ओबीसी आरक्षण को लेकर पंचायत चुनावों में किस तरह का बदलाव किया जाएगा। यदि अदालत सरकार के तर्कों को अस्वीकार करती है, तो आरक्षण निर्धारण प्रक्रिया में संशोधन संभव है। यह फैसला प्रदेश के पंचायत चुनावों के आरक्षण प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग की ओर से जवाब दाखिल किए जाने के बाद मामले की अगली सुनवाई तय की जाएगी।