छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठनात्मक नेतृत्व को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के बयानों से नई हलचल तेज हो गई है। सिंहदेव ने कहा कि उनमें आज भी युवाओं जैसी ऊर्जा है। वे पार्टी नेतृत्व द्वारा सौंपी गई कोई भी जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठनात्मक नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के हालिया बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में नई हलचल देखने को मिली है। इन बयानों को कांग्रेस संगठन में संभावित बदलाव और नेतृत्व की दिशा से जोड़कर देखा जा रहा है।
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सिंहदेव ने शुक्रवार को मीडिया से कहा कि उनमें आज भी युवाओं जैसी ऊर्जा है। वे पार्टी नेतृत्व द्वारा सौंपी गई कोई भी जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं। उनकी प्राथमिकता अंबिकापुर, सरगुजा संभाग और पूरे प्रदेश में संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि वे लगातार कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं।
सिंहदेव ने बैज के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें युवा नेता बताया। उन्होंने कहा कि बैज भविष्य में मुख्यमंत्री पद तक पहुंच सकते हैं। सिंहदेव ने युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने और सभी नेताओं को मिलकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्हें व्यक्तिगत हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद वे क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं के बीच पहुंच रहे हैं।
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दीपक बैज का सिंहदेव पर हमला
दीपक बैज ने हाल ही में कहा था कि सिंहदेव जैसे वरिष्ठ नेता को राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करना चाहिए। उन्होंने प्रदेश में युवा नेतृत्व को अवसर देने की बात कही थी। बैज ने सिंहदेव को बड़ा नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री बताया। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि सिंहदेव की प्रदेश अध्यक्ष बनने की इच्छा जताने के बाद यह बयानबाजी सामने आई है। इसके बाद उन्होंने दक्षिण छत्तीसगढ़ का दौरा भी किया था।
भाजपा की प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ भाजपा सरकार में मंत्री रामविचार नेताम ने कांग्रेस नेताओं के बयानों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अंतर्कलह समय-समय पर सार्वजनिक होती रही है। नेताम ने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर कई नेता एक-दूसरे को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिंहदेव का कांग्रेस सरकार बनाने में महत्वपूर्ण योगदान था, पर उन्हें उचित सम्मान नहीं मिला। नेताम ने सिंहदेव को राजनीतिक परिस्थितियों को समझते हुए सतर्क रहने की सलाह दी।