चंडीगढ़। हरियाणा में बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) और भूमि उपयोगिता परिवर्तन (सीएलयू) का भुगतान नहीं कर पाए बिल्डरों और काॅलोनाइजरों को सरकार ने एक और मौका दिया है। प्रदेश सरकार ने ‘समाधान से विकास’ योजना की समयावधि 31 मार्च तक बढ़ा दी है। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
कोरोना काल के दौरान कालोनाइजरों और बिल्डरों को मंदी से निकालने के लिए वर्ष 2021 में यह योजना शुरू की थी। बावजूद इसके बिल्डरों और काॅलोनाइजरों पर 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की ईडीसी और सीएलयू की राशि बकाया है। डिफाल्टर काॅलोनाइजर और बिल्डरों को ‘समाधान से विकास’ योजना का लाभ उठाने के लिए 50 प्रतिशत मूल राशि और 77 प्रतिशत बकाया ब्याज का भुगतान करना होगा। योजना का लाभ उठाने में देरी पर हर महीने ब्याज और जुर्माना राशि में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। बाकी 50 प्रतिशत मूल राशि चार-छह माह की किस्तों में आठ प्रतिशत ब्याज के साथ चुकानी होगी। पहली किस्त के भुगतान के छह महीने में अगर दूसरी किस्त का भुगतान नहीं किया जाता है तो दो प्रतिशत वार्षिक ब्याज अलग से देना होगा।