संवाद न्यूज एजेंसी उत्तरकाशी। डुंडा विकासखंड के बौन गांव के ब्रहमपुरी तोक में जल जीवन मिशन योजना के तहत करीब दस परिवारों के लिए पानी की पाईपलाइन तो लगा दी गई। लेकिन तीन वर्ष से पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई है। दूसरी ओर ग्रामीणों ने नदी से स्वयं वैकल्पिक व्यवस्था की थी। लेकिन वह भी आपदा में क्षतिग्रस्त हो गई। इस कारण लोगों को करीब दो किमी की दूरी तय कर नदी से पानी की आपूर्ति पूरी करनी पड़ रही है। स्थानीय निवासी हर्षमणी जगूड़ी, रामस्वरूप जगूड़ी, नागेंद्र जगूड़ी का कहना है कि इस संबंध में कई बार जल संस्थान कार्यालय के चक्कर काट चुके हैं। साथ ही इस संबंध में सीएम पोर्टल भी शिकायत की गई। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि जब वर्षों से किसी ने उनकी समस्या नहीं सुनी। तो उन्होंने स्वयं अपने संसाधनों से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की थी। लेकिन वह भी गत वर्ष मानसून सीजन के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई। उसका निर्माण अब संभव नहीं हो पा रहा है। इसलिए पानी की आपूर्ति पूरी करने के लिए रोज सुबह और शाम को उन्हें करीब दो किमी की दूरी तय कर राणू की गाड़ नदी तक जाना पड़ रहा है। वहां से पानी भरकर आपूर्ति को पूरा करना पड़ रहा है। कहा कि अगर जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं होता है। तो इन परिवार के लोगों को आंदोलन के लिए भी बाध्य होना पड़ सकता है। कहा कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए उन्हें वर्षों से परेशान होना पड़ रहा है। जल संस्थान के अवर अभियंता महिपाल राणा का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत ठेकेदार ने पूरा कार्य नहीं किया। उनकी समस्या के समाधान के लिए उच्च अधिकारियों को बताया गया है।