नौगांव (उत्तरकाशी)। नगर पंचायत ने शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं को सहारा देने के लिए गोसदन बनाकर संचालन तो शुरू कर दिया, किंतु नौ माह बाद भी गोसदन में पशुओं के लिए पीने के पानी की स्थायी व्यवस्था नहीं हो पाई है। गोसदन में पशुओं की रखवाली कर रहे केयरटेकर पशुओं को पानी पिलाने के लिए धारी खड्ड पर लेकर जा रहे हैं। वार्ड नंबर सात के सौली कस्बे में नगर पंचायत की ओर से 42 लाख की लागत से गोसदन बनाया गया है। पचास निराश्रित पशु हैं। 2025 जनवरी से गोसदन के संचालन की जिम्मेदारी अनमोल ग्राम स्वराज मंडल को दी गई है, जिसे पशु कल्याण बोर्ड की ओर से 80 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। गोसदन को संचालित हुए नौ महीने हो गए हैं, किंतु अभी तक निराश्रित पशुओं के लिए पीने के पानी की स्थायी व्यवस्था नहीं हो पाई है। जो नगर पंचायत और गोसदन का संचालन कर रही संस्था की कागजी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी शिवानी रावत का कहना है कि गोसदन में भूसा स्टोर बनना है। इसी दौरान पानी की स्थायी व्यवस्था कर दी जाएगी। नौगांव के पशु चिकित्साधिाकारी डॉ. अनूप नौटियाल ने बताया कि हमारा कार्य प्रत्येक माह की एमपीआर चेक कर पशु कल्याण बोर्ड को भेजना है कि किस महीने कितने पशु गोसदन में रहे हैं, जिससे संचालन कर रही संस्था को भुगतान हो सके। अन्य तरह के प्रबंधन की जिम्मेदारी नगर पंचायत की है। कई बार पशु बीमार हो जाते हैं, इसलिए गोसदन में पीने के पानी की स्थायी व्यवस्था जरूरी है।