पेपर लीक मामले में गिरफ्तार जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह की सदस्यता समाप्त करने को लेकर जिला प्रशासन असमंजस में है। प्रशासन का कहना है कि हाकम सिंह को आरोपी बनाया गया है। उस पर आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं। जांच जारी है। ऐसे में सदस्यता समाप्त करने का कोई प्रावधान नहीं है। इस संबंध में शासन से निर्देश मांगा जा रहा है।
उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग पेपर लीक मामले में सबसे पहली गिरफ्तारी मोरी क्षेत्र के जखोल वार्ड से जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह की हुई थी। 15 अगस्त को एसटीएफ के एसएसपी अजय कुुमार ने हाकम सिंह की गिरफ्तारी की सूचना डीएम को दी थी। अब पंचायती राज विभाग हाकम सिंह की सदस्यता को समाप्त करने पर असमंजस की स्थिति में है। विभाग का कहना है कि पद से हटाए जाने के लिए जो बिंदु निर्धारित किए गए हैं, उनमें हाकम सिंह का कृत्य शामिल नहीं है। हाकम सिंह को पेपर लीक मामले में आरोपी बना कर गिरफ्तार किया गया है। अभी आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं। जांच जारी है। ऐसे में सदस्यता समाप्त करने का प्रावधान नहीं है। पंचायती राज विभाग का कहना है कि मामले मे कार्रवाई के लिए शासन से निर्देश मांगे जा रहे हैं। डीपीआरओ सीपी सुयाल का कहना है कि पंचायती राज अधिनियम में इस संबंध में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इसलिए शासन से निर्देश मांगे गए हैं।