शहर में भागीरथी (गंगा) किनारे चल रहे बूचड़खानों को प्रतिबंधित करने की मांग के लिए साधू-संत व हिंदू संगठन सड़क पर उतरे। गंगा जागृति यात्रा निकालते हुए कलक्ट्रेट परिसर पहुंचे हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जिसमें एक सप्ताह के भीतर बूचड़खानों को प्रतिबंधित नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
निर्मल गंगा संघर्ष महाभियान समिति से जुड़े हिंदू संगठन भागीरथी तटों पर संचालित बूचड़खानों को प्रतिबंधित करने की मांग कर रहे हैं। बुधवार को समिति से जुड़े लोगों ने काशी विश्वनाथ मंदिर से गंगा जागृति यात्रा निकाली। अभियान के संयोजक सूरज डबराल ने कहा कि पूर्व में कई बार मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन दिया है लेकिन इस पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। योजना के प्रमुख जितेंद्र चौहान ने प्रशासन पर केंद्र सरकार की नियमावली व कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया। यात्रा में श्री राम सेवा दल की अध्यक्षा किरन पंवार, गीता गैरोला, संत समाज के सचिव गिरजानंद महाराज, स्वामी बाल मुकुंद दास, पूर्ण नगरपालिका अध्यक्ष सुधा गुप्ता, सरिता पडियार, महावीर नेगी, चैन सिंह चौहान, शिवानंद चमौली, नरेश, उषा भट्ट, मीरा उनियाल आदि मौजूद रहे।