गंभीरपाल परमार
- 13.12 करोड़ रुपये की योजना से संवेदनशील क्षेत्रों का होगा वैज्ञानिक उपचार
- टेंडर के बाद 15 अगस्त से शुरू हो सकता है काम
चिन्यालीसौड़। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबे समय से यात्रियों के लिए परेशानी बने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के स्थायी उपचार की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने हाईवे के चार संवेदनशील स्थानों के ट्रीटमेंट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत नगुण-गोजमीर स्लाइड जोन, पोखू देवता क्षेत्र, बड़ेथी ओपन टनल सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों का वैज्ञानिक उपचार किया जाएगा। इन क्षेत्रों के लिए 113.12 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत हुई है। बीआरओ की ओर से जारी निविदाएं 1 अगस्त को खोली जाएंगी और टेंडर स्वीकृत होने के बाद 15 अगस्त के बाद धरातलीय कार्य शुरू होने की संभावना है। नगुण-गोजमीर भूस्खलन जोन में बरसात के दौरान मलबा आने से यातायात बाधित होता है, जबकि बड़ेथी ओपन टनल क्षेत्र में पिछले चार वर्षों से भूस्खलन सक्रिय है। पोखू देवता क्षेत्र में सड़क कटाव और धंसने की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा गंगोत्री हाईवे के किमी 110 स्थित भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का भी उपचार प्रस्तावित है। बीआरओ के कमांडर राजकिशोर ने बताया कि संवेदनशील स्थानों के स्थायी उपचार की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद आधुनिक तकनीक से कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे सड़क की स्थिरता बढ़ाने और यात्रियों को सुरक्षित यातायात सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, इन भूस्खलन जोनों के उपचार के लिए टीएचडीसी ने भी कार्ययोजना तैयार की है।