प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा पुरोला ने सर बडियार क्षेत्र में बीईओ की ओर से दो शिक्षकों को निलंबित करने की कार्रवाई का विरोध किया है। संगठन ने शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई को अनुचित और एक तरफा बताया। कहा कि इससे इससे सुदूरवर्ती क्षेत्रों में विकट भौगोलिक परिस्थिति के बीच कार्य कर रहे शिक्षकों का मनोबल प्रभावित होगा।
रविवार को उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा पुरोला की ओर से शिक्षकों की आम बैठक बुलाई गई जिसमें शिक्षकों की समस्याओं व विद्यालयों में शिक्षकों की कमी और विद्यालय भवनों की जर्जर स्थिति पर चर्चा की गई। शाखा के अध्यक्ष मनोहर पंवार ने कहा कि क्षेत्र में 41 प्राथमिक विद्यालय एक शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं। 19 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में से 9 विद्यालयों में भाषा, गणित, विज्ञान व अंग्रेजी के अध्यापक नहीं है जिस कारण छात्रों के अधिगम स्तर पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात कैसे की जा सकती है। वक्ताओं ने कहा कि 90 प्रतिशत स्कूलों को सुगम श्रेणी में रखा गया है जिस कारण यहां पदोन्नति एवं नियुक्ति नहीं हो पा रही है। बैठक में सर बडियार क्षेत्र में औचक निरीक्षण के दौरान बीईओ की ओर से दो शिक्षकों के निलंबन की कार्रवाई का भी विरोध किया गया। वक्ताओं ने कहा कि वहां लगभग 18-20 वर्षों से विषम भौगोलिक परिस्थितियों में शिक्षक सेवाएं देते आ रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ एक तरफा कार्रवाई उचित नहीं है। बैठक में विनोद रतूड़ी, दलवीर रावत, पूरन सरियाल, सुरेंद्र चौहान, रोशन, जयेंद्र रावत, कुलवंती रावत, पृथ्वी रावत, रीता, रजनी आदि रहे।