श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पहाड़ी शैली में नवनिर्मित मुख्य द्वार का दीपावली पर देव डोलियों ने उद्घाटन हो गया। बाड़ाहाट के आराध्य कंडरा देवता की डोली, बाड़ागड्डी के हरी महाराज के ढोल और कुपड़ा से आई शेष नाग महाराज की डोली ने श्रद्धालुुओं को आशीर्वाद दिया। सुबह आठ बजे आयोजित कार्यक्रम में महिला मंडली ने द्वार के बाहर भजन-कीर्तन किया। बाद में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कंडार देवता की डोली, हरी महाराज के ढोल और शेष नाग की डोली ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। द्वार का निर्माण ब्रह्मलीन महंत शिव नारायण पुरी की स्मृति में उनके पौत्र स्वतंत्र पुरी, विजय पुरी और अजय पुरी ने अपने पिता जयेंद्र पुरी की प्रेरणा से किया। मुख्य द्वार का डिजाइन वास्तुविद कृष्ण कुड़ियाल ने तैयार किया। संवाद