सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा मोरी के बंगाण क्षेत्र का वीडियो पहाड़ के विकास की हकीकत बयां कर रहा है। वीडियो में एक युवक आपदा में ध्वस्त झूला पुल के तारों के ऊपर रेंगकर उफनती बरसाती नदी को पार कर रहा है।
वर्ष 2019 की आपदा में बंगाण क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ था। इस दौरान कई पुल और पैदल रास्ते ध्वस्त हो गए थे। लोग गुहार लगाते रहे लेकिन उनकी परेशानियों का समाधान नहीं हुआ। टिकोची के सामने बरसाती नदी के पार करीब सात परिवार रहते हैं। आपदा में झूला पुल टूटने के बाद इन परिवारों के लिए नदी पर ट्रॉली लगाई गई थी लेकिन ज्यादा भारी होने के कारण इससे समस्या का समाधान नहीं हुआ। यह परिवार झूल रहे टूटे पुल के तारों पर चढ़कर नदी पार करते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता मनमोहन चौहान ने बताया कि टिकोची में नदी पर लगाई गई ट्रॉली इतनी भारी है कि उसे खींचने के लिए कम से कम पांच लोगों की जरूरत होती है। अब कोई अकेला है तो उसे टूटे पुल के तारों पर रेंगकर ही नदी पार करनी पड़ती है।
मंडी नहीं पहुंचा पा रहे सेब
बंगाण क्षेत्र में आपदा के तीन साल बाद भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। खंयाडू नदी पर बने दुचाणु किराणू मोटर मार्ग का पुल बहने के बाद वहां कॉजवे का निर्माण किया गया था। बरसात में नदी के उफान पर होने के कारण दुचाणू किराणू क्षेत्र के लोगों की आवाजाही बंद हो गई है। ऐेसे में काश्तकार सेब की फसल को मंडियों तक नहीं पहुंचा पाते हैं। जबकि पूरे प्रखंड में बंगाण क्षेत्र में सबसे अधिक सेब का उत्पादन होता है।
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आपदा के बाद काफी हद तक व्यवस्थाओं में सुधार हुआ है। वर्तमान समय में भी भारी बारिश के चलते आपदा का माहौल है। व्यवस्थाओं में सुधार के लिए सरकार और प्रशासन तैयार है। -दुर्गेश्वर लाल, विधायक पुरोला।
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जिस जगह का वीडियो है, वहां नदी पार करने के लिए ट्रॉली है। यह वीडियो मुझे भी मिला था। ऐसा प्रतीत होता है कि युवक ऐसे ही तारों पर चढ़ा होगा। फिर भी इसकी जांच कराई जाएगी। -अभिषेक रूहेला, डीएम उत्तराकाशी।