चारधाम यात्रा पर निकले महाराष्ट्र के 72 यात्रियों के दल को भुगतान को लेकर विवाद के कारण कुछ देर परेशानी का सामना करना पड़ा। दोनों पक्षों के बीच बात बढ़ने पर मामला पुलिस तक पहुंचा, जहां समझाइश के बाद विवाद शांत हुआ और यात्री आगे की यात्रा के लिए रवाना हो गए।
चारधाम यात्रा पर महाराष्ट्र से आए 72 यात्रियों के दल और यात्रा संचालित कर रही टूर एजेंसी के बीच भुगतान को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला उत्तरकाशी कोतवाली तक पहुंच गया। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद पुलिस ने मामला शांत कराया, जिसके बाद यात्री आगे की यात्रा के लिए रवाना हुए।
यात्रियों का कहना था कि उन्होंने 26 सितंबर को हरिद्वार से नौ दिन की चारधाम यात्रा के लिए किसी ट्रैवल एजेंसी से बुकिंग कराई थी। तय शर्तों के मुताबिक पूरा भुगतान यात्रा पूरी होने के बाद किया जाना था। अभी तक दल ने केवल गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन किए हैं और दो धामों की यात्रा बाकी है। इसके बावजूद एजेंसी की ओर से पूरा भुगतान किए जाने का दबाव बनाया जा रहा है।
यात्रियों ने बताया कि अब तक वे करीब 70 फीसदी भुगतान कर चुके हैं। इसके बावजूद बाकी धन मांगा जा रहा है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी और मामला शांत कराया। इसके बाद दोनों पक्षों में सहमति बनने पर यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया। कोतवाली निरीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि भुगतान को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। बातचीत कर मामले को सुलझा दिया गया है।