वर्ष 2011 में घोषित जनपदों को अस्तित्व में लाने के लिए 24 अगस्त को मशाल जुलूस निकाला जाएगा।
वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश में चार नये जनपदों के गठन की घोषणा की थी। इसके लिए प्रदेश के अन्य जनपदों का आकार कम किया गया था। नए जनपदों मे यमुनोत्री, कोटद्वार, रानीखेत व डीडीहाट शामिल थे। घोषणा के 10 वर्ष बाद भी उक्त चारों जिले अस्तित्व में नहीं आए हैं। संयुक्त जनपद (घोषित) संघर्ष समिति इन जनपदों को अस्तित्व में लाने के लिए लंबे समय से प्रयासरत है। इसके लिए कई बार आंदोलन भी किए जा चुके हैं। अब एक बार फिर संघर्ष समिति आंदोलन करने जा रही है। संयुक्त जनपद (घोषित) संघर्ष समिति के अध्यक्ष अब्बल चंद कुमाईं ने बताया कि संघर्ष समिति 24 अगस्त को सभी घोषित जनपदों में मशाल जलूस निकालेगी। अब्बल चंद कुमाई ने कहा कि जब तक घोषित जनपदों को अस्तित्व में नहीं लाया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।