फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarkashi News: गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में कूड़ा प्रबंधन के लिए नहीं बन पाई ठोस योजना

Fri, 08 May 2026 07:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
विज्ञापन
विज्ञापन
चारधाम यात्रा के दौरान कूड़ा निस्तारण और आस्था के नाम पर नदी प्रदूषण बनी बड़ी चुनौती
विज्ञापन

उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा के दौरान गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। दोनों धामों में श्रद्धालुओं की ओर से गंगा और यमुना में आस्था के नाम पर साड़ियां और वस्त्र प्रवाहित किए जा रहे हैं, जिन्हें रोकने के लिए प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। इसके साथ ही कूड़ा निस्तारण और सफाई व्यवस्था भी प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पाई है। 19 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अब तक दोनों धामों में दो लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ ही स्वच्छता प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन गया है, लेकिन व्यवस्था अभी तक कमजोर नजर आ रही है। गंगोत्री धाम में रोजाना करीब एक टन कूड़ा एकत्रित हो रहा है, जिसमें से अधिकांश सूखे कूड़े का निस्तारण और गीले कूड़े से खाद बनाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन लाखों रुपये की लागत से बना हाईटेक कूड़ा निस्तारण संयंत्र अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इससे कूड़ा प्रबंधन पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सका है। वहीं यमुनोत्री धाम में अब तक लगभग 35 टन कूड़ा जमा हो चुका है, लेकिन इसमें से केवल 10 टन का ही निस्तारण हो पाया है। इसके अलावा पैदल मार्ग और आसपास की पहाड़ियों पर फैला कूड़ा स्वच्छता अभियान की जमीनी हकीकत को उजागर कर रहा है। स्थानीय स्तर पर कूड़ा प्रबंधन और नदी प्रदूषण रोकने के लिए ठोस योजना न होने से धामों की पवित्रता और पर्यावरण संरक्षण दोनों पर सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें