उत्तरकाशी। गंगोत्री ग्लेशियर हिमालय एवं हिमनदियां बचाओ अभियान दल ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप पर रोष व्यक्त किया है।
शनिवार को पत्रकार वार्ता में संगठन की प्रमुख शांति ठाकुर ने बताया कि हिमालय पर्वत श्रृंखला गंगा, यमुना आदि नदियों का उद्गम होने के साथ ही दुर्लभ वनसंपदा का स्रोत भी है, लेकिन अंधाधुंध निर्माण कार्य, वाहनों की बढ़ती आवाजाही तथा बेलगाम पर्यटन गतिविधियों के कारण यह नाजुक पर्यावरण तंत्र खतरे में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि दशकों बाद वर्ष हिमालयी क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी हुई है, जिससे लगातार सिकुड़ते जा रहे ग्लेशियरों व नदियों को नया जीवन मिला है, लेकिन अगर इन क्षेत्रों में मानवीय गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई तो यह सुखद बदलाव ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा। संगठन ने इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर सभी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है।