चिन्यालीसौड़। परंपरागत ज्ञान विषय के तहत राइंका बनचौरा के बाल वैज्ञानिकों ने निकटवर्ती गांवों का भ्रमण किया। जूनियर व सीनियर वर्ग के इन बाल वैज्ञानिकों ने धारकोट, खदाड़ा आदि गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से रोजमर्रा के कार्यों में प्रयोग किए जाने वाली परंपरागत तकनीकों की जानकारी ली। मार्गदर्शक शिक्षक अनिल रावत ने बताया कि बिना किसी स्कूली शिक्षा के भी हमारे पूर्वजों में गहरी वैज्ञानिक समझ थी। इसका प्रयोग वह कृषि, पशुपालन, पर्यावरण संरक्षण आदि रोजमर्रा के कार्यों में करते थे। प्रयोगात्मक तकनीक के सहारे उनका यह ज्ञान पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ता रहा, लेकिन आधुनिक युग में यह ज्ञान धीरे-धीरे विलुप्त होने लगा है। उन्होंने सभी छात्रों से पूर्वजों के पारंपरिक ज्ञान को सीखने एवं उसका प्रचार करने की अपील की। इस दौरान दल ने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया। इस मौके पर सचिन चौहान, सचिन महर, राहुल और कपिल भट्ट आदि छात्र मौजूद रहे।