उत्तरकाशी। श्री विश्वनाथ संस्कृत महाविद्यालय के पुरातन छात्र परिषद की बैठक में प्रदेश में विलुप्त हो रही संस्कृत भाषा पर चिंता जताई गई। हनुमान मंदिर में कौशनी विद्यापीठ के योग गुरु स्वामी आशुतोष महाराज की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पुरातन छात्रों ने कहा कि भारत में संस्कृत भाषा को द्वितीय राष्ट्रभाषा का दर्जा प्राप्त है, लेकिन केंद्र और प्रदेश में द्वितीय राजभाषा ही सरकार की उपेक्षा का दंश झेल रही है। संस्कृत भाषा को प्रोत्साहन देने के लिए उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से इसे बचाने की अपील की। इसके लिए उन्होंने संस्कृत महाविद्यालयों की दुर्दशा को सुधारने की बात कही। उन्होंने कहा कि ऋषि मुनियों ने जो पूरे भारत वर्ष को दिया है, वह संस्कृति नष्ट हो रही है। संस्कृत भाषा को बचाने के लिए प्रदेश सरकार को इसका प्रचार करने की जरूरत है। इस मौके पर डा. देवेंद्र दत्त पैन्यूली, डा. राधेश्याम खंडूड़ी, परमानंद नौटियाल, नागेंद्र दत्त रतूड़ी, शिवप्रसाद भट्ट, नरेश प्रसाद भट्ट, स्वामी राघवानंद और पूर्णानंद आदि मौजूद थे।