काशीपुर में आरपीएफ पोस्ट पर बच्चे की सुपुर्दगी करते अधिकारी। संवाद
काशीपुर (ऊधमसिंह नगर)। पति-पत्नी के झगड़े का खामियाजा एक साल की मासूम को ऐसा भुगतना पड़ा कि वह दोनों से बिछड़ गई। पत्नी ने ट्रेन ने छलांग लगा दी। बचाने के लिए पति भी कूदा तो बच्ची ट्रेन में ही छूट गई। चोट लगने से दंपती को चोटें आई हैं। बच्ची बाल संरक्षण समिति (सीडब्ल्यूसी) के पास है। पहचान पत्र न होने के कारण उसे पिता को नहीं सौंपा जा सका है।
बुधवार शाम लालकुआं से मुरादाबाद जाने वाली ट्रेन संख्या 05364 काशीपुर रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म संख्या 3 पर पहुंची। ट्रेन के कोच में चेकिंग के दौरान रेलवे सुरक्षा बल के बीट स्टाफ हेड कांस्टेबल विनोद कुमार को एक साल की मासूम बच्ची लावारिस हालत में मिली। उन्होंने काफी देर तक प्लेटफार्म पर बच्ची के परिजनों की तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं लग सका।
आरपीएफ निरीक्षक रणदीप कुमार ने इसकी सूचना बाल संरक्षण समिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य को दी। पोस्ट पर स्टेशन अधीक्षक रविशंकर सिंह की मौजूदगी में बच्ची को सीडब्ल्यूसी सदस्य हरनीत कौर के सुपुर्द कर दिया। बच्ची को चामुंडा विहार स्थित बाल गृह केंद्र में रखा गया है।
देर शाम एक एक व्यक्ति वहां पहुंचा। उसने खुद को सुल्तानपुर, यूपी निवासी अर्जुन पुत्र मोहन बताया। उसने सीडब्ल्यूसी के पदाधिकारियों से कहा कि वह आरओबी के नीचे परिवार के साथ रहता और कूड़ा बीनने का काम करता है। 16 अप्रैल को उसकी पत्नी झगड़ा कर घर चली गई थी। बुधवार को वह अपनी पत्नी को लेकर ट्रेन से लौट रहा था। सुल्तानपुर पट्टी के पास पत्नी फिर से झगड़ा कर ट्रेन से कूद गई। उसे बचाने के लिए वह भी कूद गया जिससे उसे चोट आई है। इस वजह से उसकी बेटी ट्रेन में ही छूट गई थी।
कोट
यह परिवार आरओबी के नीचे रहता है। उनके पास कोई पहचान पत्र नहीं था। उन्हें शनिवार को रुद्रपुर स्थित कार्यालय में पहचान पत्र लेकर आने के लिए कहा है। सत्यापन करने के बाद ही बच्ची को उनके सुपुर्द किया जाएगा।
-हरनीत कौर, सदस्य सीडब्ल्यूसी